दंतेवाड़ा 21 मई (आरएनएस) दो साल से लापता महिला की तलाश जब कंकाल तक पहुंची तो दंतेवाड़ा पुलिस के सामने एक ऐसा सनसनीखेज सच आया जिसने पूरे इलाके को हिला दिया। सिटी कोतवाली दंतेवाड़ा पुलिस ने गुमशुदा महिला रामदई कश्यप हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए खुलासा किया कि प्रेम संबंध के शक में पत्नी ने ही हत्या की पूरी साजिश रची थी। थाना सिटी कोतवाली में दर्ज गुम इंसान क्रमांक 09/2024 की जांच पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन में लगातार चल रही थी। कॉल डिटेल और परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस की नजर पाण्डू करटम पर गई, जिससे रामदई के नजदीकी संबंध होने की बात सामने आई। जांच टीम जब ग्राम तोयलंका पहुंची तो कहानी ने खौफनाक मोड़ ले लिया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पाण्डू करटम की पत्नी कमली करटम अपने पति और रामदई के संबंधों से नाराज थी। उसने अपने रिश्तेदार हुंगाराम उर्फ बुटू करटम को पैसे देकर हत्या की सुपारी दी। योजना के तहत घटना वाली रात घर में मौजूद लक्ष्मी करटम ने फोन पर जानकारी दी कि रामदई घर में अकेली सो रही है। इसके बाद हुंगाराम दंतेवाड़ा पहुंचा और घर में घुसकर रामदई का मुंह और गला दबाकर हत्या कर दी। आधी रात शव को पिकअप वाहन में भरकर तोयलंका ले जाया गया और घर के पीछे नाले किनारे प्लास्टिक बोरी में दफना दिया गया। कमली करटम की निशानदेही पर दंडाधिकारी, फोरेंसिक टीम और पुलिस की मौजूदगी में उत्खनन कराया गया जहां से मानव कंकाल बरामद हुआ। मामले में धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर आरोपी लक्ष्मी नाग उम्र 22 वर्ष निवासी कटेकल्याण और कमली करटम उम्र 40 वर्ष निवासी तोयलंका को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन में एसडीओपी राहुल उईके, निरीक्षक धनंजय सिन्हा, उनि. संजय पाल, सउनि. पंकज धर और प्रआर आशीष कुमार नाग की अहम भूमिका रही। दंतेवाड़ा पुलिस की यह कार्रवाई बता गई कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, सच आखिरकार जमीन खोदकर बाहर आ ही जाता है।
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