नईदिल्ली,22 मई (आरएनएस)। साइप्रस के राष्ट्रपति निकोस क्रिस्टोडौलाइड्स भारत दौरे पर हैं। आज उन्होंने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्ता की। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई 14 अहम समझौते हुए। प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के घनिष्ठ संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि साइप्रस से निवेश पिछले एक दशक में लगभग दोगुना हो गया है। दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक स्तर पर ले जाने का फैसला भी किया है।
आतंकवाद से निपटने के लिए दोनों देश आपसी सहयोग बढ़ाएंगे। एक तंत्र बनाया जाएगा, जो इस काम में सहयोग करेगा। दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत भारत के सुषमा स्वराज इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन सर्विस और साइप्रस की डिप्लोमेटिक एकेडमी के अधिकारी एक दूसरे के संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। इसका उद्देश्य एक-दूसरे के हितों को समझना है। साइप्रस और भारत के बीच रिसर्च और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी करार किया गया है।
दोनों देशों ने एक दूसरे की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भी एक करार किया है। सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़ी अवैध तस्करी को रोका जाएगा। भारत और साइप्रस ने नवाचार और तकनीक के क्षेत्र में भी एक समझौता किया है, जिसका उद्देश्य डिजिटल डोमेन, स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टार्टअप इंडिया को बढ़ावा देना है। दोनों देशों के बीच सर्च और रेस्क्यू के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है।
2031 तक रक्षा के क्षेत्र में सहयोग तेजी से बढ़ाया जाएगा। काउंसलर स्तर के मुद्दों पर चर्चा के लिए दोनों देश एक फ्रेमवर्क तैयार करेंगे। साइप्रस भारत की हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होगा, भारत साइप्रस को स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहद उपयोगी भीष्म क्यूब उपहार स्वरूप देने जा रहा है। साइप्रस मुंबई में एक व्यापार केंद्र खोलेगा, जिससे भारत से होने वाला आयात बढ़ेगा। स्थानीय लोगों को नौकरी के मौके मिलेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सायप्रस भारत के शीर्ष-10 निवेशकों में से एक है। पिछले एक दशक में सायप्रस से भारत में निवेश लगभग दोगुना हुआ है। भारत- ईयू मुक्त व्यापार समझौते से तमाम नई संभावनाएं बनी हैं। इसका लाभ उठाते हुए हम अगले 5 वर्षों में इस निवेश को फिर से दोगुना करने का लक्ष्य रख रहे हैं। इस संकल्प को साकार करने के लिए आज हमने अपने विश्वसनीय संबंधों को एक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत कर रहे हैं।
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