# नई पीढ़ी को बलिदानियों के आदर्शों से जोड़ने का आह्वान*
# स्वाधीनता सेनानियों की गाथाएं युवाओं तक पहुंचाना समय की आवश्यकता : सी. डी. देवल
जयपुर, 24 मई (आरएनएस)। जयपुर स्थित कांस्टीट्यूशन क्लब के सभागार में करणी इंद्र सेवा समिति एवं जवाहर फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में अमर बलिदानी शहीद कुंवर प्रताप सिंह बारहठ जयंती समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग, संघर्ष और बलिदान को याद करते हुए नई पीढ़ी से उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। समारोह के मुख्य अतिथि अखिल भारतीय चारण गढ़वी महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सी. डी. देवल थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी भवानी सिंह देथा, वासुदेव मलावत तथा अवधेश सिंह उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में युवाओं में लोकप्रिय शिक्षाविद राजवीर चलकोई ने अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने संबोधन में मुख्य अतिथि सी. डी. देवल ने कहा कि स्वाधीनता सेनानियों की बलिदान गाथाएं केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के गुमनाम वीरों से जोड़ने के लिए साहित्य, नाटक और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ओंकार सिंह लखावत ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों का साहस और समर्पण अद्वितीय था। तमाम यातनाओं और प्रलोभनों के बावजूद वे मातृभूमि के प्रति अपने संकल्प से कभी विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि राजस्थान की धरती वीरता, त्याग और बलिदान की गौरवशाली परंपरा के लिए जानी जाती है। उन्होंने कुंवर प्रताप सिंह बारहठ के परिवार को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणादायी क्रांतिकारी परिवार बताते हुए कहा कि ऐसा उदाहरण इतिहास में विरले ही देखने को मिलता है। जवाहर फाउंडेशन के प्रदेश प्रभारी एवं ट्रस्टी रजनीश वर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि संस्था पिछले कई वर्षों से स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथाओं के प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया that देवखेड़ा स्थित राजकीय विद्यालय का नामकरण कुंवर प्रताप सिंह बारहठ के नाम पर किया जा चुका है तथा समाजहित से जुड़े अन्य कार्य भी निरंतर प्रगति पर हैं। उन्होंने कहा कि बारहठ परिवार आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रकवि अशोक चारण के नेतृत्व में विशाल कवि सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसमें कवियों ने राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और युवा प्रेरणा से ओतप्रोत रचनाओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियां दीं।
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