बिलासपुर 27 मई (आरएनएस) “वीडियो वायरल होते ही पुलिस महकमे में ऐसा भूचाल आया कि एसएसपी को तुरंत एक्शन लेना पड़ा और रिश्वत मांगने के आरोप में सरकंडा थाने के प्रधान आरक्षक को लाइन अटैच कर निलंबित कर दिया गया।” बिलासपुर पुलिस एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार मामला सरकंडा थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक शोभित कैवर्त से जुड़ा है, जिनका एक कथित रिश्वतखोरी वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक पर आरोपियों को छोड़ने के एवज में रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि किसी व्यक्ति ने पूरी बातचीत का वीडियो चुपके से रिकॉर्ड कर लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। मामला सामने आते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जैसे ही इसकी जानकारी बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह तक पहुंची, उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाते हुए तत्काल कार्रवाई की और प्रधान आरक्षक शोभित कैवर्त को निलंबित कर लाइन अटैच कर दिया। साथ ही नगर पुलिस अधीक्षक सिविल लाइन को पूरे मामले की जांच सौंपते हुए सात दिनों के भीतर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार सामने आ रहे विवादों के बीच एसएसपी रजनेश सिंह का यह सख्त रुख अब पूरे विभाग में चर्चा का विषय बन गया है। हाल ही में कोनी थाने में दो कुख्यात कबाड़ियों को कथित वीआईपी ट्रीटमेंट देने के आरोप में भी दो पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई थी। अब सरकंडा थाने का यह रिश्वत कांड सामने आने के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली पर फिर सवाल उठने लगे हैं। बहरहाल, बिलासपुर पुलिस में साफ संदेश दे दिया गया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता पर अब सीधे डंडा चलेगा।


