रायपुर, 28 मई (आरएनएस)। भीषण गर्मी में लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। छत्तीसगढ़ में नौतपा में मध्य इलाकों में ग्रीष्म लहर चली. भीषण गर्मी की वजह से लोग परेशान हुए। मौसम विभाग के अनुसार चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के कारण मौसम में बदलाव देखने को मिला. इससे अधिकतम तापमान में मामूली गिरावट दर्ज हुई. आगामी 2 दिनों में छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है, इस बीच एक-दो हिस्सों में ग्रीष्म लहर चलने के आसार हैं. इसके बाद 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है.
प्रदेश में भीषण गर्मी और नौतपा के प्रकोप के बीच मौसम ने अचानक यू-टर्न ले लिया है। रायपुर में बुधवार दोपहर को मौसम का मिजाज बदला और कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई। मात्र 20 मिनट के भीतर शहर में 9 मिलीमीटर पानी बरस गया। हालांकि, इस दौरान शहर के आधे हिस्से में ही पानी गिरा, जबकि बाकी इलाके सूखे रहे, जिससे वहां उमस ने लोगों को जमकर छकाया।
कल से अंधड़ और बारिश का नया दौर शुरू
मौसम विभाग के अनुसार, 29 मई से पूरे प्रदेश में अंधड़ और बारिश का नया दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे वर्षा की गतिविधियों में तेजी आएगी। इस दौरान गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। दुर्ग 45.5 डिग्री के साथ सबसे गर्म, अगले दो दिन बाद मिलेगी बड़ी राहतमौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगले दो दिनों के दौरान मध्य छत्तीसगढ़ (रायपुर-दुर्ग संभाग) के कुछ जिलों में लू की स्थिति बनी रह सकती है और अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा।
केरल नहीं पहुंचा मानसून, पिछले साल की घोषणा पर था विवाद
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अभी केरल नहीं पहुंचा है, इसलिए प्रदेश में इसके जल्द आगमन की संभावना कम है। पिछले साल मौसम विभाग ने 28 मई को ही दंतेवाड़ा में मानसून पहुंचने की घोषणा कर दी थी, लेकिन वहां बारिश नहीं हुई। बाद में मानसून को रायपुर पहुंचने में 20 दिन लग गए थे, जिस पर मौसम जानकारों ने विभाग की जल्दबाजी पर गंभीर सवाल उठाए थे।
एसएस
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