सरगुजा 28 मई (आरएनएस) “रकम दुगनी” के लालच में आदिवासी और गरीब निवेशकों से करोड़ों बटोरने वाली चिटफंड कंपनी का खेल आखिरकार पुलिस ने बेनकाब कर दिया और करीब 92 लाख रुपये की ठगी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया। सरगुजा जिले के गांधीनगर थाना क्षेत्र में संचालित वेलफेयर बिल्डिंग एण्ड ईस्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी पर आरोप है कि उसने निवेशकों को कम समय में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये जमा करवाए और फिर दफ्तर बंद कर फरार हो गई। मामले की शिकायत मैनपाट निवासी देवराज यादव ने 4 सितंबर 2024 को दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना में खुलासा हुआ कि कंपनी ने गरीब, अशिक्षित और जनजातीय परिवारों को ऊंचे रिटर्न का सपना दिखाकर 92,66,054 रुपये जमा करवाए। जांच में निवेशकों की सूची, बॉण्ड पेपर, रसीदें और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए। पुलिस के मुताबिक कंपनी ने रिजर्व बैंक या सक्षम प्राधिकारी की अनुमति बिना धन परिचालन कर स्थानीय एजेंटों का चैन सिस्टम तैयार किया और कमीशन के जरिए लोगों को फंसाया। मामले में ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4,5,6 और छत्तीसगढ़ निक्षेपकों का हित संरक्षण नियम 2005 की धारा 10 जोड़ी गई है। जांच के दौरान पुलिस ने अखिलेश कुमार प्रजापति पिता स्व. मालदेव महतो उम्र 56 वर्ष निवासी सिंगड़ूरिया थाना सतबरवा जिला पलामू झारखंड और बलराम पाठक पिता दामोदर पाठक उम्र 64 वर्ष निवासी लोहड़ी थाना लेस्लीगंज जिला पलामू झारखंड को हिरासत में लेकर पूछताछ की। दोनों ने कंपनी के प्रचार-प्रसार और आर्थिक लाभ लेने की बात स्वीकार की। आरोपियों के मोबाइल भी जब्त किए गए हैं जिनसे कंपनी डायरेक्टरों से संपर्क किया जाता था। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश अग्रवाल के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी समेत पूरी गांधीनगर पुलिस टीम की अहम भूमिका रही। फिलहाल पुलिस अब कंपनी के अन्य डायरेक्टरों और एजेंटों की तलाश में जुटी है, क्योंकि लालच के इस जाल ने हजारों सपनों को बर्बाद कर दिया।
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