सरगुजा 28 मई (आरएनएस) “घर बनाने का सपना दिखाया, बैंक से करोड़ों का लोन निकलवाया और फिर 28 लाख हड़पकर गायब हो गया”, सरगुजा में जरूरतमंद लोगों को आसान लोन और फर्जी स्कीम का लालच देकर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का आखिरकार पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। गांधीनगर थाना पुलिस ने अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप के संचालक शिवशंकर दास को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिस पर एक शिक्षिका समेत 10 लोगों से करीब 3 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है। मामला तब खुला जब सरगवां निवासी शिक्षिका दिव्या एक्का ने 12 मई 2026 को शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता घर बनाने के लिए 15 लाख रुपये का लोन लेना चाहती थी। इसी दौरान आरोपी के नेटवर्क ने उसे झांसे में लिया और दावा किया कि उनकी कंपनी बैंक में मजबूत पकड़ रखती है। आरोपी ने “स्पेशल स्कीम” बताकर कहा कि जितना लोन मिलेगा उसका 60 प्रतिशत कंपनी में जमा करना होगा और पूरी ईएमआई कंपनी खुद भरेगी। भरोसा दिलाने के लिए मोबाइल में कई फाइलें और दस्तावेज दिखाए गए। इसके बाद पीड़िता से आधार, पैन, सैलरी स्लिप और बैंक दस्तावेज लेकर आईसीआईसीआई बैंक से 15 लाख, बैंक ऑफ इंडिया से 13.40 लाख और एचडीएफसी बैंक से 12.68 लाख रुपये का लोन मंजूर करा दिया गया। कुल 41.08 लाख रुपये खाते में आते ही आरोपी शिवशंकर दास ने अलग-अलग खातों में 28 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी शिवशंकर दास पिता राजू दास, उम्र 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर जिला सरगुजा, अनशिवआर्या फाउंडेशन ग्रुप का संचालन करता था और क्रेशर कारोबार में नुकसान होने के बाद उसने यह फर्जी स्कीम शुरू की थी। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर लोगों को झूठे भरोसे में लेकर लोन स्वीकृत करवाए और रकम हड़प ली। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पीड़िता के अलावा 9 अन्य लोगों को भी इसी तरह झांसे में लेकर करीब 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी की। डीआईजी एवं एसएसपी राजेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन में हुई कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, सउनि अभिषेक दुबे, आरक्षक दीनदयाल सिंह और सुल्तान अहमद की भूमिका अहम रही। फिलहाल पुलिस आरोपी के नेटवर्क और उसके सहयोगियों की तलाश में जुटी है, क्योंकि “आसान लोन” का यह खेल कई परिवारों को भारी कर्ज और बर्बादी में धकेल चुका है।
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