-देश व राज्य की खुशहाली, समृद्धि और अमन-चैन की मांगी दुआ
रांची 28 मई (आरएनएस)। ईद उल अजहा(बकरीद) के अवसर पर राजधानी के सभी ईदगाहों, मस्जिदों में अलग अलग समय पर नमाज अदा की गयी। नमाज अदा कर देश और राज्य की खुशहाली, समृद्धि और अमन-चैन के लिए अल्लाह से दुआ की गयी। नमाज अदा करने के बाद सभी ने एक दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी। इसके बाद अपने अपने घरों में कुर्बानी दी गयी। बकरीद के अवसर पर एक दूसरे से मिलने का सिलसिला दिन भर चलता रहा। उधर, बकरीद को देखते हुए रांची पुलिस भी पूरी तरह से सतर्क है। रांची के तमाम स्थानों पर आज अहले सुबह से ही पुलिस बल अपनी ड्यूटी संभाल चुके थे जो देर रात तक जारी रही। ईद उल अजहा तीन दिन तक मनाया जाता है। नमाज से पूर्व सभी मस्जिदों, ईदगाहों विशेषकर डोरंडा ईदगाह में हजरत सैयद शाह अलकमा शिबली कादरी ने अपने संबोधन में कुर्बानी की अहमियत को बताया। कहा कि कुर्बानी सिर्फ हलाल जानवर को ज़बह करने का नाम नहीं। कुर्बानी नाम है अपनी दुश्मनी को खत्म करने का। कुर्बानी नाम है अपना इगु अहंकार खत्म करने का। कुर्बानी नाम है आस पड़ोस के लोगों के मदद करने का। कुर्बानी नाम है बुराइयों को छोडऩे का। कुर्बानी नाम है अपने ईमान को बचाने का। आपके अमल से किसी को भी तकलीफ न पहुंचे। आखिर में हजरत ने और सभी मस्जिदों में देश दुनिया की अमन व सलामती, भाईचारगी, देश की खुशहाली की दुआ मांगी गई। वहीं राजधानी के सबसे चर्चित ईदगाह हरमू ईदगाह में हजरत मौलाना डॉ असगर मिस्बाही ने नमाज़ पढ़ाई। अपने संबोधन में मौलाना मिस्बाही ने अपने ख़िताब में कहा कि ईद-उल-अज़हा त्याग, कुर्बानी और अल्लाह की रज़ा हासिल करने का पर्व है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारा, मोहब्बत और इंसानियत को बढ़ावा देने की अपील की। मौलाना ने कहा कि समाज में अमन-शांति और एकता बनाए रखना हम सबकी जिम्मेदारी है। साथ ही गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश भी दिया। वहीं कर्बला चौक हव्वारी मस्जिद में मुफ्ती कमर आलम कासमी, रंगसाज मस्जिद में मौलाना रिजवान दानिश नदवी, इकरा मस्जिद में मुफ्ती मोहम्मदुललाह, पत्थलकुदवा मस्जिद में मुफ्ती अब्दुल्ला अजहर कासमी ने नमाज़ ईद पढ़ाई और इसी तरह सभी मस्जिदों में बकरीद की नमाज अदा कि गई।
*सोशल मीडिया पर विशेष नजर*
सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर पुलिस के द्वारा रखी जा रही है। डीजीपी, रांची पुलिस के द्वारा एक दिन पूर्व ही यह संदेश जारी कर दिया गया था कि अगर कोई भी सामाजिक सौहार्द को बिगाडऩे की कोशिश करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। चप्पा चप्पा पर पुलिस की तैनाती थी। रांची के सभी थाना प्रभारी मोर्चा संभाले हुए नजऱ आए।
*समाजसेवियों का भी रहा अहम रोल*
कई मुस्लिम संगठनों और समाजसेवियों ने फील्ड में उतर कर नौजवानों को समझाते नजर आए। गाड़ी तेज न चलाए। कूड़ा कचड़ा जहां तहां फेंक कर न जाए। नगर निगम के गाड़ी में ही कचड़ा डाले। हर चौक चौराहों पर मुस्लिम संगठन एवं समाजसेवी नजऱ आए।
*नगर निगम ने निभाया अहम रोल*
रांची शहर और आस पास के क्षेत्रों में नगर निगम का अहम रोल रहा। हर गली हर मोहल्ला में नगर निगम की गाड़ी, ट्रेकर घूमते हुए दिखाई दिए। इससे साफ सफाई में कोई परेशानी नहीं हुई। जहां भी कचड़ा नजर आता निगम की गाड़ी वहां पहुंच जाती।
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