महासमुंद 28 मई (आरएनएस) “किसानों का धान गोदाम से गायब होता रहा, रिकॉर्ड में सब ठीक चलता रहा और करोड़ों का खेल पर्दे के पीछे चलता रहा”, महासमुंद जिले के चर्चित धान घोटाले में आखिरकार बड़ा एक्शन हुआ है। बम्हनी धान उपार्जन केंद्र में 1 करोड़ 16 लाख रुपये के गबन मामले में पुलिस ने केंद्र प्रभारी गंगाधर जगत को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि किसानों के हक का 3,742 क्विंटल यानी 9,355 कट्टा धान रिकॉर्ड से गायब मिला, जिसने पूरे सहकारी सिस्टम में हड़कंप मचा दिया है। मामला थाना बसना क्षेत्र का है, जहां जिला सहकारी केंद्रीय बैंक पिरदा शाखा प्रबंधक उसत कुमार प्रधान ने 27 मई 2026 को लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 16 मई 2026 को प्रशासनिक जांच दल द्वारा धान उपार्जन केंद्र बम्हनी, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति आरंगी में भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें भारी मात्रा में धान कम पाया गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना की राशि मिलाकर यह गबन करीब 1,16,00,200 रुपये का निकला। शिकायत मिलते ही बसना पुलिस ने अपराध क्रमांक 281/2026 धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी गंगाधर जगत पिता दुर्जन सिंह जगत उम्र 37 वर्ष निवासी ग्राम दलालखार थाना बसना जिला महासमुंद से पूछताछ की गई, जहां उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस महाघोटाले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है। फिलहाल महासमुंद का यह धान घोटाला सिर्फ गबन का मामला नहीं, बल्कि किसानों की मेहनत और भरोसे पर सबसे बड़ा हमला बनकर सामने आया है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

