कोलकाता 29 मई (आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में एक अगस्त से अगले साल फरवरी तक डिजिटल जनगणना होगी। राज्य में पहली बार डिजिटल जनगणना होगी। उक्त जानकारी आज मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दी और कहा कि देश के दूसरे राज्य जनगणना कराने के मामले में बहुत आगे निकल गए हैं, लेकिन यह राज्य पिछड़ गया है। उन्होंने इसके लिए पिछली सरकार को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि उसने राजनीतिक कारणों से जनगणना नहीं कराई। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि इस जनगणना से राजनीति और जाति से कोई लेना-देना नहीं है।
मुख्यमंत्री ने नबान्नो में जनगणना संबंधी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर डिजिटल जनगणना कराने के बारे में निर्णय लिया। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि देश और राज्य की कल्याणरी योजनाओं के मद्देनजर यह जनगणना काफी महत्वपूर्ण है। जनगणना के बाद जो तथ्य व डाटा उभर कर सामने आएंगे, उससे विकास आदि मे आकलन और सहूलियत होगी। उन्होंने सभी से जनगणना में सहयोग देने की अपील की है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल की सीमा पर कंटीले तार के बाड़ के लिए पिछली सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को जमीन मुहैया नहीं कराई और सीमा में कई हिस्सों में कंटीले तार के बाड़ नहीं लग पाए। उससे बांगलादेशी घुसपैठियों को पश्चिम बंगाल में घुसपैठ होती गई है। उससे यहां डेमोग्राफी बदल गई है। अब उनकी सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को जमीन मुहैया कराया है। बांग्लादेशी घुसपैठियों की धरपकड़ रो रही है। जानकारी मिली है कि घुसपैठिए खुद बांग्लादेश वापस जाने लगे हैं।
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