दूषित पानी की मार से कराह रहा करेलाबाग, जिम्मेदारों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
प्रयागराज 29 मई (आरएनएस)। करैली के करेलाबाग और ज़मीर नगर क्षेत्र में यही पानी अब लोगों के लिए परेशानी, बीमारी और आक्रोश का कारण बन गया है। नलों से आने वाला बदबूदार और मिट्टी मिश्रित पानी हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। हालात ऐसे हैं कि लोगों का अपने घरों में आने वाले पानी से भरोसा उठता जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह समस्या कोई नई नहीं है। महीनों से क्षेत्र के लोग पार्षद, महापौर और जल संस्थान के अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं निकल पाया। शिकायतों की फाइलें बढ़ती गईं, आश्वासन मिलते रहे, मगर नलों से निकलने वाला गंदा पानी लोगों की मजबूरी बना हुआ है।
सेवानिवृत्त स्टेशन मास्टर सरफराज़ अहमद कहते हैं कि अब नल खोलने पर राहत नहीं बल्कि चिंता होती है। “पानी में लगातार मिट्टी और दुर्गंध आ रही है। सबसे ज्यादा चिंता बच्चों और बुजुर्गों की होती है। हम नहीं जानते कि यह पानी कब किस बीमारी को न्योता दे दे। कई बार शिकायत की, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।” उनका कहना है कि लोगों का धैर्य अब जवाब देने लगा है।
स्थानीय निवासी जिय़ाउल इस्लाम बताते हैं कि यह सिर्फ जलापूर्ति की समस्या नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य का गंभीर मामला है। “दूषित पानी से डायरिया, टाइफाइड, पेट और त्वचा संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कई परिवार मजबूरी में बाजार से पीने का पानी खरीद रहे हैं। महंगाई के इस दौर में यह अतिरिक्त खर्च गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर भारी पड़ रहा है।
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