आजमगढ़ 29 मई (आर एन एस)में चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत जनपदीय पुलिस की प्रभावी विवेचना, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन की सशक्त पैरवी के परिणामस्वरूप अलग-अलग मामलों में दो अभियुक्तों को न्यायालय द्वारा दोषी ठहराते हुए कारावास एवं अर्थदंड की सजा सुनाई गई।
पहले मामले में मुबारकपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2009 में दर्ज अपमिश्रित शराब बरामदगी के मुकदमे में न्यायालय ने अभियुक्त विरेन्द्र हरिजन पुत्र स्व. शिवमंगल निवासी चकतगे को दोषसिद्ध पाया। अभियोजन के अनुसार 18 मार्च 2009 को पुलिस चेकिंग के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 15 लीटर तथा 102 पाउच अपमिश्रित शराब बरामद की गई थी। इस संबंध में थाना मुबारकपुर पर मुकदमा अपराध संख्या 432/2009 धारा 272 भादवि एवं 60 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले में पांच गवाहों के परीक्षण के बाद एएसजे/एंटीकरप्शन (स्पेशल) कोर्ट संख्या-1, आजमगढ़ ने 29 मई 2026 को अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
वहीं दूसरे मामले में अहरौला थाना क्षेत्र में नाजायज गांजा रखने के आरोप में अभियुक्त फिरतू राजभर पुत्र मुन्शी राजभर निवासी पिपरिया थाना कप्तानगंज को अदालत ने दोषी करार दिया। पुलिस के अनुसार 1 जनवरी 2024 को चेकिंग के दौरान अभियुक्त के कब्जे से 1 किलो 300 ग्राम गांजा बरामद हुआ था। इस संबंध में थाना अहरौला पर मुकदमा अपराध संख्या 01/2024 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया था। मामले में चार गवाहों के परीक्षण के उपरांत एएसजे-3 न्यायालय, आजमगढ़ ने 29 मई 2026 को अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि के कारावास एवं 7 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी कर दोषसिद्धि सुनिश्चित करने की कार्रवाई लगातार जारी है।

