कोंडागांव 30 मई (आरएनएस) जहां अक्सर सरकारी योजनाओं और प्रशासन की पहुंच देर से होती है, वहां कोंडागांव पुलिस खुद लोगों के बीच पहुंची और भरोसे का ऐसा संवाद शुरू किया, जिसने पुलिस और ग्रामीणों के बीच की दूरी को कम करने की नई पहल को मजबूत कर दिया। थाना उरंदाबेड़ा क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे ग्राम पंचायत भोगापाल में पुलिस अधीक्षक कोंडागांव के निर्देश पर “सहयोग चौपाल” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ग्राम सरपंच, पटेल, गायता, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। चौपाल में अनुविभागीय अधिकारी फरसगांव, थाना प्रभारी उरंदाबेड़ा और थाना प्रभारी बड़ेडोंगर ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर सहयोग चौपाल के उद्देश्य और महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अधिकारियों ने कहा कि इस पहल का मकसद पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी को समाप्त करना, ग्रामीणों की समस्याओं को मौके पर सुनना और उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम के दौरान साइबर अपराध, बाल अपराध, यातायात नियमों और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया। ग्रामीणों को बताया गया कि बदलते समय में साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है। विशेष बात यह रही कि थाना प्रभारी बड़ेडोंगर ने स्थानीय हलबी भाषा में ग्रामीणों को जानकारी देकर जागरूक किया, जिससे उपस्थित लोगों ने विषयों को बेहतर ढंग से समझा और खुलकर अपनी बात रखी। अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या, संदिग्ध गतिविधि या अपराध की जानकारी तत्काल पुलिस को दें ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। कार्यक्रम के अंत में सभी ग्राम प्रमुखों और ग्रामीणों के साथ सामूहिक भोजन का आयोजन भी किया गया, जिसने पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास को और मजबूत किया। बहरहाल, भोगापाल की इस सहयोग चौपाल ने यह संदेश दिया कि जब पुलिस गांव की चौपाल तक पहुंचती है तो सुरक्षा के साथ-साथ विश्वास और साझेदारी का नया अध्याय भी शुरू होता है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

