कोंडागांव, 30 मई (आरएनएस ) किसानों के लिए रखे गए शासकीय उर्वरक खाद पर हाथ साफ कर फरार हुए चोरों का खेल आखिरकार विश्रामपुरी पुलिस ने खत्म कर दिया। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित लिहागांव के खाद गोदाम से चोरी हुई 154 बोरी उर्वरक खाद के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया पूरा माल बरामद कर लिया है। मामले की शुरुआत तब हुई जब विश्रामपुरी बांधपारा निवासी अनुप कुमार निषाद ने थाना विश्रामपुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 और 18 मई की दरमियानी रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने गोदाम के शटर का ताला तोड़कर अंदर रखी 61 बोरी यूरिया और 95 बोरी डीएपी खाद चोरी कर ली। चोरी गए खाद की कुल कीमत लगभग 1 लाख 44 हजार 506 रुपये आंकी गई। रिपोर्ट पर पुलिस ने धारा 305 एवं 331(4) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा और अनुविभागीय पुलिस अधिकारी अरुण नेताम के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक शंकर लाल ध्रुव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच तेज की। विवेचना के दौरान सूचना मिली कि ओडिशा के नवरंगपुर जिले के ग्राम किबेकोंगा में कुछ लोगों के पास बड़ी मात्रा में संदिग्ध रासायनिक खाद रखा गया है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रेमलाल गोड़ पिता गांडो गोड़ उम्र 25 वर्ष, संतु गोड़ पिता दशरू गोड़ उम्र 22 वर्ष तथा प्रेमलाल गोड़ पिता दुकाड़ू गोड़ उम्र 23 वर्ष, तीनों निवासी ग्राम किबेकोंगा थाना कुंदई जिला नवरंगपुर (ओडिशा) को हिरासत में लिया।
पूछताछ में तीनों आरोपियों ने खुलासा किया कि उन्होंने लिहागांव स्थित खाद गोदाम के शटर का ताला लोहे के धारदार कटर से काटकर रात के समय गोदाम में प्रवेश किया और पिकअप वाहन क्रमांक OD-24K-4191 में दो बार खाद लोड कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी गया 95 बोरी डीएपी और 61 बोरी यूरिया सहित कुल 154 बोरी शासकीय उर्वरक खाद बरामद कर लिया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर तीनों आरोपियों को 30 मई को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी शंकर लाल ध्रुव, उप निरीक्षक अभिराम मेश्राम सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बहरहाल, किसानों के हक के खाद पर डाका डालने वालों को विश्रामपुरी पुलिस ने यह संदेश दे दिया है कि कानून से बचने की हर कोशिश आखिरकार गिरफ्तारी पर ही खत्म होती है।


