देहरादून,30 मई(आरएनएस)। सेना के जीवन के हल्के-फुल्के, मानवीय और हास्यपूर्ण पक्ष को सामने लाने वाली पुस्तक ‘कॉम्बैट चकल्स : द लाइटर साइड ऑफ लाइफ इन यूनिफॉर्मÓ का शनिवार को दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों, साहित्य प्रेमियों और पाठकों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पुस्तक का लोकार्पण पूर्व मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, डॉ. संजीव चोपड़ा और पूर्व डीजीपी अनिल रतूड़ी ने संयुक्त रूप से किया। रत्ना मनुचा की संपादित पुस्तक में 21 लघु कथाएं और तीन कविताएं शामिल हैं, जो सशस्त्र बलों के जीवन के रोचक अनुभवों को पाठकों तक पहुंचाती हैं।
कार्यक्रम में आयोजित परिचर्चा में ब्रिगेडियर स्टीव इस्माइल, ब्रिगेडियर पी.पी. सिंह और कर्नल सी.एम.एस. कलाकोटी ने भाग लेते हुए सेना के जीवन से जुड़े कई दिलचस्प और हास्यपूर्ण प्रसंग साझा किए। वक्ताओं ने बताया कि कठिन परिस्थितियों में भी हास्य सैनिकों का मनोबल बनाए रखने और साथियों के बीच आत्मीयता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम होता है।
पुस्तक की संपादक रत्ना मनुचा ने कहा कि सेना को अक्सर केवल शौर्य, अनुशासन और बलिदान के प्रतीक के रूप में देखा जाता है, जबकि हंसने-मुस्कुराने का पक्ष भी सैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पुस्तक का उद्देश्य युवाओं को सशस्त्र बलों के मानवीय पक्ष से परिचित कराना है।
समापन सत्र में डॉ. संजीव चोपड़ा ने कहा कि कठिन तैनाती और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में हास्य ही सैनिकों का मनोबल बनाए रखता है। कार्यक्रम का समापन पुस्तक हस्ताक्षर सत्र और अनौपचारिक संवाद के साथ हुआ। पूरे आयोजन के दौरान सभागार में हंसी, स्मृतियों और प्रेरक अनुभवों का माहौल बना रहा।
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