महासमुंद 31 मई (आरएनएस) IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टे का बड़ा नेटवर्क चलाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए थाना सांकरा पुलिस ने सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन महाराष्ट्र के नागपुर से किया जा रहा था और PhonePe के माध्यम से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक के संदिग्ध लेन-देन किए जा रहे थे। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े चैट, ट्रांजेक्शन स्क्रीनशॉट और कई अहम डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिससे इस नेटवर्क के तार स्थानीय स्तर पर सक्रिय अन्य खाईवालों और सटोरियों तक जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस अधीक्षक महासमुंद के निर्देशन में थाना सांकरा पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भगतदेवरी में नरेश निषाद की दुकान में IPL क्रिकेट मैच के दौरान रुपये-पैसों का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा खेला और खिलाया जा रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी और नरेश निषाद तथा मनोहर मांझी को हिरासत में लेकर उनके मोबाइल फोन की जांच की। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि वे नागपुर निवासी मधुसूदन ठाकरे के संपर्क में रहकर IPL मैचों पर ऑनलाइन सट्टा संचालित करते थे। हार-जीत की रकम स्थानीय व्यक्तियों के माध्यम से वसूल की जाती थी, जबकि कई भुगतान PhonePe के जरिए भी लिए जाते थे।
विवेचना के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाए और ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के संचालक मधुसूदन ठाकरे को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध नंबर, व्हाट्सएप चैट, लेन-देन का रिकॉर्ड और स्थानीय एजेंटों से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। पुलिस का मानना है कि यह नेटवर्क सिर्फ दो-तीन लोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार क्षेत्र में सक्रिय कई अन्य खाईवालों और सट्टा कारोबारियों से भी जुड़े हो सकते हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, 10 मोबाइल फोन तथा 1500 रुपये नकद जब्त किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में नरेश निषाद पिता जुनु निषाद उम्र 40 वर्ष निवासी भगतदेवरी, मनोहर मांझी पिता उत्तम मांझी उम्र 38 वर्ष निवासी नवागांव टुकड़ा सांकरा तथा मधुसूदन ठाकरे पिता राजेंद्र ठाकरे उम्र 40 वर्ष निवासी जैताला, नागपुर (महाराष्ट्र) शामिल हैं। तीनों आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 7(1) के तहत कार्रवाई की गई है।
पुलिस अब मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि जल्द ही इस ऑनलाइन सट्टा रैकेट से जुड़े कुछ और बड़े चेहरे भी कानून के शिकंजे में होंगे। गौरतलब है कि डिजिटल पेमेंट और मोबाइल ऐप्स के सहारे संचालित हो रहे ऐसे सट्टा नेटवर्क अब गांवों तक पहुंच चुके हैं, लेकिन पुलिस की यह कार्रवाई साफ संकेत है कि ऑनलाइन अपराधियों के लिए बच निकलना अब आसान नहीं रहेगा।

