महासमुंद 31 मई (आरएनएस) साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, नशाखोरी और सामाजिक अपराधों के खिलाफ महासमुंद पुलिस अब सीधे जनता के बीच पहुंचकर ऐसा सुरक्षा कवच तैयार कर रही है, जिससे हर नागरिक सजग बने और हर गांव-शहर सुरक्षित हो सके। खाकी और आमजन के बीच भरोसे का मजबूत पुल बन चुके “नवा बिहान” अभियान के तहत महासमुंद पुलिस लगातार स्कूलों, कॉलेजों, हाट-बाजारों, बस स्टैंड, बैंकों, चौक-चौराहों और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रही है। अभियान का उद्देश्य केवल अपराध रोकना नहीं बल्कि नागरिकों को इतना सशक्त बनाना है कि वे खुद साइबर अपराधियों, नशे के कारोबारियों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ पहली सुरक्षा दीवार बन सकें।
महासमुंद पुलिस की टीम ने इस सप्ताह ग्राम भंवरपुर, पिथौरा बायपास रोड ओवरब्रिज, ग्राम सिरपुर, बी.के. बाहरा साप्ताहिक बाजार और पिथौरा गार्डन क्षेत्र में विशेष जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव, सोशल मीडिया सुरक्षा, अभिव्यक्ति ऐप, महिला संबंधी अपराध, नशा मुक्ति, गौ तस्करी रोकथाम और यातायात सुरक्षा की विस्तृत जानकारी दी गई। जागरूकता कार्यक्रम में 800 से अधिक लोगों ने भाग लेकर इसका लाभ उठाया।
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लोगों को बताया कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करना, संदिग्ध लिंक खोलना और निजी जानकारी साझा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। लोगों को फेक प्रोफाइल, साइबर स्टॉकिंग, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी ट्रेडिंग ऐप, सेक्सटॉर्शन और एपीके फाइल के जरिए होने वाली ठगी से सतर्क रहने की सलाह दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अंजान नंबर से प्राप्त लिंक या एप्लीकेशन को डाउनलोड करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।
महासमुंद पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर हो रही ठगी को लेकर भी लोगों को आगाह किया। नागरिकों को बताया गया कि कोई भी पुलिस अधिकारी, सीबीआई अधिकारी या न्यायिक अधिकारी वीडियो कॉल के माध्यम से डराकर पैसे की मांग नहीं करता। यदि कोई व्यक्ति खुद को सरकारी अधिकारी बताकर पैसे मांगता है तो तुरंत उसकी सूचना पुलिस को दें और किसी भी परिस्थिति में गूगल-पे, फोन-पे या अन्य माध्यमों से रकम ट्रांसफर न करें।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर थाना में भी सूचना दें। गौवंश तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर नागरिकों से तत्काल पुलिस को सूचित करने का आग्रह किया गया।
जनता की त्वरित सहायता के लिए महासमुंद पुलिस द्वारा संचालित शिकायत हेल्प डेस्क “संवाद” व्हाट्सएप नंबर 94792-29939 को भी विशेष रूप से प्रचारित किया गया। इस हेल्पलाइन में नागरिक गुप्त सूचना या सामान्य शिकायत दोनों दर्ज करा सकते हैं। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति में डायल-112 सेवा का उपयोग कर तत्काल सहायता प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।
अभियान के दौरान पुलिस ने नशा मुक्ति का संदेश देते हुए कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। लोगों से नशे के खिलाफ आगे आने और समाज को सुरक्षित बनाने में सहयोग करने की अपील की गई। बहरहाल, महासमुंद पुलिस का “नवा बिहान” अभियान केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि सुरक्षित, सजग और अपराध मुक्त समाज की दिशा में उठाया गया ऐसा कदम है, जिसमें जनता की एक छोटी सी सूचना भी किसी बड़े अपराध को रोकने की ताकत रखती है।

