कबीरधाम 31 मई (आरएनएस) कभी नक्सल गतिविधियों की छाया में रहने वाला सुदूर वनांचल ग्राम बेंदा अब भरोसे, विकास और पुलिस-जन संवाद की नई मिसाल बन रहा है, जहां पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह खुद पहुंचकर ग्रामीणों और बच्चों के बीच बैठे, उनकी बातें सुनीं और सुरक्षा का विश्वास दिलाया।
कबीरधाम जिले में सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने सुदूर वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बेंदा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं, जरूरतों और सुझावों को गंभीरता से सुना। गांव के बीच पहुंचकर एसपी ने कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था और जनसहयोग से संचालित पुलिस गतिविधियों की जानकारी ली तथा लोगों से पुलिस के साथ विश्वास और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
दौरे के दौरान बच्चों के साथ उनका संवाद विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाया, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी तथा नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहकर उज्ज्वल भविष्य बनाने का संदेश दिया। ग्रामीणों को भी किसी संदिग्ध गतिविधि या आपराधिक सूचना की तत्काल जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि पुलिस और जनता के बीच मजबूत विश्वास ही सुरक्षित समाज की सबसे बड़ी ताकत है। दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों की समस्याओं को समझना और उनका समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उल्लेखनीय है कि ग्राम बेंदा सहित यह क्षेत्र कभी नक्सल प्रभावित रहा है, लेकिन शासन, सुरक्षा बलों और स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयासों से आज पूरा कबीरधाम जिला नक्सल मुक्त हो चुका है।
बहरहाल, बेंदा में एसपी की यह मौजूदगी केवल एक प्रशासनिक दौरा नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि अब खाकी सिर्फ कानून की प्रतीक नहीं, बल्कि भरोसे और विकास की साझेदार बनकर गांव-गांव तक पहुंच रही है।

