नारायणपुर,31 मई,(आरएनएस) अबुझमाड़ जैसे दुर्गम और चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में पुलिसिंग का चेहरा बदलने वाली बड़ी पहल सामने आई है। नारायणपुर पुलिस ने ‘e-मालखाना 2.0’ लॉन्च कर मालखाना प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब हर जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी की अलग डिजिटल पहचान होगी और एक बारकोड स्कैन करते ही उससे जुड़ी पूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी।
नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया द्वारा विकसित ‘e-मालखाना 2.0’ सॉफ्टवेयर का शुभारंभ थाना कोहकामेटा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ शासन के मंत्री केदार कश्यप के हाथों किया गया। थाना कोहकामेटा से शुरू हुई यह व्यवस्था अब जिले के सभी 14 थानों में लागू कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य मालखाना प्रबंधन को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी, सुरक्षित और जवाबदेह बनाना है।
नई प्रणाली के तहत प्रत्येक जब्त संपत्ति और केस प्रॉपर्टी को यूनिक बारकोड प्रदान किया जाएगा। बारकोड स्कैन करते ही संबंधित प्रकरण, जब्ती विवरण, जमा तिथि, वर्तमान स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी तत्काल उपलब्ध होगी। इससे जब्त सामग्री की निगरानी, रिकॉर्ड संधारण और खोज प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और प्रभावी हो जाएगी। विशेष रूप से अबुझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में यह तकनीकी बदलाव पुलिस कार्यप्रणाली को नई गति देगा।
कार्यक्रम में मंत्री केदार कश्यप ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे तकनीक आधारित सुशासन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया ने कहा कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीक का उपयोग समय की आवश्यकता है और ‘e-मालखाना 2.0’ इसी सोच का परिणाम है। बहरहाल, नारायणपुर पुलिस की यह अभिनव पहल स्मार्ट पुलिसिंग, डिजिटल प्रशासन और पारदर्शी व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बन सकती है।

