सारंगढ़-बिलाईगढ़ 31 मई (आरएनएस) अब विकास की नई तस्वीर आंकड़ों के दम पर तैयार होगी। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनगणना 2027 का पहला और सबसे महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा हो गया है, जहां हजारों घरों और परिवारों की जानकारी पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संग्रहित कर भारत सरकार के सुरक्षित सर्वर पर दर्ज की गई है।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में जनगणना 2027 के प्रथम चरण, मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 31 मई 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। एक मई से शुरू हुआ यह राष्ट्रीय अभियान लगातार 30 दिनों तक चला और जिले के विकास की भावी योजनाओं के लिए मजबूत आधार तैयार कर गया। इस बार जनगणना की सबसे बड़ी विशेषता इसका पूर्णतः डिजिटल स्वरूप रहा। घर-घर जाकर जुटाई गई जानकारी को मोबाइल एप के माध्यम से सीधे ऑनलाइन प्रणाली में दर्ज किया गया, जिससे डेटा संग्रहण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सटीक और सुरक्षित बनी।
जिले में इस विशाल कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए 13 जनगणना चार्ज बनाए गए थे, जिनमें 6 तहसील और 7 नगरीय निकाय शामिल रहे। कुल 1227 गणना खंडों में 1394 प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की टीम ने घर-घर पहुंचकर मकानों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और परिसंपत्तियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित की। संकलित समस्त आंकड़े अब भारत सरकार के सर्वर पर सुरक्षित रूप से संरक्षित हैं।
जिला प्रशासन ने इस राष्ट्रीय अभियान में नागरिकों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना अधिनियम 1948 और जनगणना नियमावली 1990 के तहत नागरिकों द्वारा साझा की गई व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग केवल नीति निर्माण एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा। बहरहाल, अब निगाहें फरवरी 2027 में होने वाले दूसरे चरण यानी जनसंख्या गणना पर हैं, जो जिले और देश के भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

