नारायणपुर 31 मई (आरएनएस) अबुझमाड़ के दूरस्थ गांव पदमकोट में विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई कहानी लिखी जा रही है। ग्रामीणों की समस्याएं सीधे सुनने, उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ने और गांव को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में माड़ मैत्री चौपाल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस अधीक्षक रॉबिंसन गुड़िया और 41वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट बेनुधर नायक के मार्गदर्शन में आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के बीच संवाद का मजबूत सेतु देखने को मिला।
ग्राम पदमकोट में आयोजित चौपाल के दौरान ग्रामीणों ने अपनी दैनिक समस्याएं, आवश्यकताएं और विकास से जुड़े मुद्दे खुलकर अधिकारियों के सामने रखे। पदमकोट कैंप के सहायक कमांडेंट दिनेश और महिपाल सिंह द्वारा आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा उनका लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नवीन कानूनों, नागरिक अधिकारों, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम, मोटर वाहन अधिनियम, नि:शुल्क विधिक सहायता, राष्ट्रीय लोक अदालत और नालसा हेल्पलाइन के बारे में भी विस्तार से जागरूक किया गया।
चौपाल में युवाओं को “माड़ मित्र” बनकर समाज और सुरक्षा बलों के बीच सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया गया। ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वरोजगार, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और यातायात नियमों के प्रति भी जागरूक किया गया। कमांडेंट बेनुधर नायक के निर्देशानुसार पदमकोट गांव को गोद लेकर उसे आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिसमें आधारभूत सुविधाओं से लेकर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहेगा।
गांव में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने माड़ मैत्री अभियान की सराहना करते हुए सुरक्षा बलों के प्रति अपना भरोसा जताया। बहरहाल, पदमकोट की यह चौपाल सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि अबुझमाड़ में विकास, जनविश्वास और नई उम्मीदों की मजबूत नींव साबित होती दिख रही है।

