रायगढ़ 1 जून (आरएनएस) एक मामूली विवाद ने ऐसा खूनी मोड़ लिया कि एक व्यक्ति की जान चली गई, लेकिन तमनार पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सनसनीखेज हत्या कांड का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। ग्राम उरबा में हुए इस हत्याकांड में गांव के कोटवार, उसका पुत्र और एक विधि से संघर्षरत बालक शामिल पाए गए हैं। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल डंडा और चाकू भी बरामद कर लिया है।
घटना 30 मई 2026 की रात की है, जब ग्राम उरबा निवासी 37 वर्षीय दामोदर राठिया को गंभीर चोटों की हालत में अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी तमनार निरीक्षक प्रशांत राव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। मृतक के बहनोई अवधराम राठिया ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि उसने गांव के कोटवार हरिराम चौहान, उसके पुत्र आकाश चौहान और एक नाबालिग को दामोदर राठिया के साथ मारपीट करते देखा था। आरोप है कि आकाश चौहान और नाबालिग ने चाकू से हमला किया, जबकि हरिराम चौहान ने डंडे से वार किए। बीच-बचाव करने पर रिपोर्टकर्ता के साथ भी मारपीट की गई।
जांच में सामने आया कि दामोदर राठिया ने हरिराम चौहान को भोजन के लिए बुलाया था। भोजन के बाद इस्तेमाल किए गए पत्तल को बाहर फेंकने की बात पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते विवाद हिंसक झगड़े में बदल गया और तीनों आरोपियों ने मिलकर दामोदर पर लाठी-डंडे और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौत हो गई।
थाना तमनार में अपराध क्रमांक 122/2026 के तहत धारा 103(1) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 60 वर्षीय हरिराम चौहान, 22 वर्षीय आकाश चौहान और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार बरामद किए गए। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, एसडीओपी सिद्धांत तिवारी और तमनार थाना पुलिस की सक्रियता से मामले का तेजी से खुलासा संभव हो सका। बहरहाल, यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि क्षणिक गुस्सा न केवल एक जिंदगी छीन लेता है, बल्कि कई परिवारों को बर्बादी के अंधेरे में धकेल देता है।

