बागेश्वर 3 जून (आरएनएस)। वन विभाग को झिरौली लीसा डिपो के पास एक दुर्लभ विशेषता वाला उल्लू मिला है, जिसकी दोनों आंखों का रंग अलग-अलग दिखाई दे रहा था। वन कर्मियों ने उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर पशु चिकित्सकों को दिखाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति में सुधार बताया जा रहा है। विभाग ने उसे दो दिन निगरानी में रखने के बाद प्राकृतिक आवास में छोडऩे का निर्णय लिया है। वन दरोगा नितिन कुमार को मंगलवार शाम झिरौली लीसा डिपो के समीप यह उल्लू बैठा मिला। अन्य उल्लुओं की तुलना में यह अलग दिखाई दे रहा था। पास जाकर देखने पर पता चला कि उसकी एक आंख का रंग नीला नजर आ रहा था, जबकि दूसरी आंख सामान्य थी। उल्लू काफी सहमा और कमजोर अवस्था में दिख रहा था।वन दरोगा उसे अपने साथ लेकर पशु चिकित्सालय पहुंचे, जहां उसकी जांच की गई। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने आंख के उपचार के लिए आई ड्रॉप उपलब्ध कराई। वन विभाग द्वारा दवा का नियमित उपयोग किए जाने के बाद उसके स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि उल्लू का उपचार जारी है। वर्तमान में क्विक रिस्पांस टीम में तैनात वन दरोगा तारा सिंह उसकी देखभाल कर रहे हैं। पूरी तरह स्वस्थ होने पर उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
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