चेन्नई 04 June (rns): तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और सत्ताधारी दल ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) के चीफ थलापति विजय ने राजनीति में एक बार फिर बड़ा दिल दिखाते हुए सबको चौंका दिया है। राज्य में 18 जून को होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए मुख्यमंत्री विजय ने अपनी पार्टी की एकमात्र सुरक्षित सीट कांग्रेस को आवंटित करने का बड़ा फैसला किया है। राजनीतिक हलकों में यह चर्चा का विषय इसलिए बना हुआ है क्योंकि तमिलनाडु विधानसभा में कांग्रेस के पास मात्र पांच विधायक ही हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री विजय ने इकलौती सीट कांग्रेस की झोली में डाल दी है। एक महीने के भीतर कांग्रेस को मुख्यमंत्री की तरफ से मिला यह दूसरा सबसे बड़ा सरप्राइज गिफ्ट है, क्योंकि इससे पहले उन्होंने कांग्रेस के दो विधायकों को अपने मंत्रिमंडल में भी जगह दी थी।
राहुल गांधी के करीबी प्रवीण चक्रवर्ती बनेंगे उम्मीदवार!
कांग्रेस के उच्च पदस्थ सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के वरिष्ठ पदाधिकारी प्रवीण चक्रवर्ती को इस राज्यसभा सीट से गठबंधन का उम्मीदवार बनाया जाएगा। वे आगामी शुक्रवार या सोमवार को अपना नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। तमिलनाडु के सत्ताधारी गठबंधन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इस बात की पुष्टि की है कि राज्य से खाली हो रही इस सीट को आगामी चुनाव के लिए कांग्रेस को दिया जा रहा है। गौरतलब है कि यह सीट AIADMK के वरिष्ठ नेता सी. वी. षणमुगम के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिस पर अब उपचुनाव कराया जा रहा है।
मुलाकात के कुछ ही घंटों बाद सीएम विजय ने मान ली मांग
इस ऐतिहासिक घोषणा से ठीक पहले कांग्रेस के तमिलनाडु चुनाव प्रभारी गिरीश चोडनकर ने चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय से मुलाकात की थी। इस बैठक के दौरान कांग्रेस नेता ने सीएम विजय से विशेष अनुरोध किया था कि राज्यसभा की यह सीट कांग्रेस को आवंटित की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को गणित समझाते हुए कहा था कि इस सीट पर जीत से संसद के उच्च सदन (राज्यसभा) में कांग्रेस की ताकत और मजबूत होगी। मुख्यमंत्री विजय ने बिना देर किए गठबंधन धर्म निभाते हुए इस मांग को तुरंत स्वीकार कर लिया।
कौन हैं प्रवीण चक्रवर्ती, जिन्हें मिलने जा रहा है यह बड़ा मौका?
प्रवीण चक्रवर्ती कांग्रेस पार्टी के एक बेहद प्रभावशाली नेता और जाने-माने राजनीतिक अर्थशास्त्री हैं। वर्तमान में वे कांग्रेस के डेटा एनालिटिक्स विभाग और अखिल भारतीय पेशेवर कांग्रेस (AIPC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में काम कर रहे हैं। उन्हें राहुल गांधी की कोर टीम का हिस्सा माना जाता है। नवंबर 2023 में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने उन्हें दिग्गज नेता शशि थरूर की जगह प्रोफेशनल विंग (AIPC) की कमान सौंपी थी, और अब वे संसद के उच्च सदन में जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

