कोलकाता 04 June (Rns): पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके ही घर में एक बहुत बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से टूटकर अलग हुए बागी विधायकों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ऋतब्रत बनर्जी को अपने नए विधायक दल का नेता चुन लिया है। इस बड़े फेरबदल के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने एक आधिकारिक बयान जारी कर टीएमसी नेतृत्व की चिंताएं बढ़ा दी हैं। विधानसभा अध्यक्ष (स्पीकर) ने भी बागी गुट की इस मांग को स्वीकार करते हुए उन्हें अलग विधायक दल का दर्जा दे दिया है, जिससे बंगाल की सियासत में भारी खलबली मच गई है।
हमारे पास 58 विधायकों की ताकत, 2 और आने को तैयार: ऋतब्रत
बागी गुट के नेता चुने जाने के बाद ऋतब्रत बनर्जी ने अपनी ताकत का दावा करते हुए कहा कि वर्तमान में उनके तृणमूल विधायक दल के पास 58 विधायकों की एक मजबूत टीम है, जिन्होंने टीएमसी के चुनाव चिह्न पर जीत हासिल की थी। उन्होंने आगे दावा किया कि आने वाले दिनों में दो और विधायक भी उनके खेमे में शामिल हो सकते हैं। ऋतब्रत बनर्जी ने नई टीम के पदाधिकारियों की घोषणा करते हुए बताया कि जावेद खान, संदीपन साहा, सबीना यास्मीन और शिउली साहा इस नए तृणमूल कांग्रेस विधायक दल के उपनेता होंगे।
हम ही हैं असली मुख्य विपक्षी दल, ममता बनर्जी से की खास मांग
ऋतब्रत बनर्जी ने साफ शब्दों में कहा कि संसदीय नियमों और लोकतांत्रिक मानदंडों के अनुसार, अब पश्चिम बंगाल विधानसभा में उनका गुट ही असली और मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से एक बेहद खास और रणनीतिक मांग भी कर डाली है। उन्होंने कहा कि हम ममता बनर्जी से अनुरोध करते हैं कि वे इस तृणमूल कांग्रेस विधायक दल की मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाएं। उन्होंने अपनी भावी रणनीति स्पष्ट करते हुए कहा कि वे बंगाल सरकार की केवल उन नीतियों का विरोध करेंगे जो राज्य के हित में गलत होंगी, बिना किसी वजह के सरकार के हर काम में अड़ंगा नहीं डाला जाएगा।

