नईदिल्ली,04 जून(आरएनएस)। दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित फ्लोरिश स्टे बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में लगी भीषण आग के बाद दिल्ली सरकार नींद से जागी है। राज्य सरकार ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की जांच करने और पूरी दिल्ली में इसी तरह के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण करने के लिए एक संयुक्त समिति का गठन किया है। इस समिति में, जिला प्रशासन, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली पुलिस और विद्युत विभाग के अधिकारियों की टीमें शामिल हैं। टीम गुरुवार से निरीक्षण शुरू करेगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अधिकारियों ने होटल में लगी आग के बाद मालवीय नगर में 18 ऐसी संपत्तियों की पहचान की है, जिसमें नियमों का उल्लंघन सामने आ सकता है। गुरुवार को टीम संपत्तियों में अग्नि सुरक्षा मानदंडों, भवन निर्माण नियमों, लाइसेंस की शर्तों और बिजली कनेक्शनों के अनुपालन की जांच करेगी। किसी तरह का उल्लंघन पाया जाएगा तो दिल्ली भर में बड़े पैमाने पर सीलिंग अभियान चलाया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली सरकार के रिकॉर्ड में करीब 702 प्रतिष्ठान ऐसे हैं, जिनके पास बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत लाइसेंस हैं, जो आम आदमी पार्टी की सरकार ने जारी किए थे। इसके तहत संपत्तियों को विश्रामस्थल बनाने और जलपान की व्यवस्था करने का लाइसेंस दिया गया है। हालांकि, इनमें भारी लापरवाही दिख रही है। अधिकारी समीक्षा करेंगे कि क्या प्रतिष्ठानों ने लाइसेंस जारी करने की शर्तों और नियमों का पालन किया था।
हौज रानी इलाके में मैक्स अस्पताल के सामने जिस बेड एंड ब्रेकफास्ट होटल में बुधवार सुबह आग लगी थी, वहां गंभीर खामियों, लापरवाही औऱ नियमों के उल्लंघन के कारण 21 जान गई है। होटल को सिर्फ 6 कमरे बनाने की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे बनाए गए थे। होटल के पास अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं था। इमारत में कोई निकासी द्वार नहीं था और आग बुझाने के उपकरण भी नहीं थे।
००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

