युवा, महिला एवं संघर्षशील अधिवक्ताओं के हित में सिक्योरिटी डिपॉजिट और किराया न्यूनतम करने की उठी मांग
प्रयागराज। हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के महासचिव पद के प्रत्याशी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने नवनिर्मित चेम्बरों के आवंटन हेतु प्रस्तावित सिक्योरिटी डिपॉजिट एवं मासिक किराये को कम किए जाने की मांग को लेकर मुख्य न्यायमूर्ति एवं चेम्बर आवंटन समिति के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में उन्होंने कहा कि प्रस्तावित सिक्योरिटी डिपॉजिट एवं मासिक किराया अधिकांश युवा, महिला, नवोदित एवं संघर्षशील अधिवक्ताओं की आर्थिक क्षमता से अधिक है। बड़ी संख्या में अधिवक्ता सीमित संसाधनों एवं आय के साथ अपनी प्रैक्टिस संचालित कर रहे हैं, ऐसे में अत्यधिक शुल्क उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डालेगा।
उन्होंने कहा कि न्यायालय परिसर में चेम्बर उपलब्ध कराए जाने का उद्देश्य अधिवक्ताओं को बेहतर कार्य सुविधा प्रदान करना तथा न्यायिक कार्यों को अधिक सुगम एवं प्रभावी बनाना है। यदि शुल्क अत्यधिक रखा जाता है तो अनेक योग्य अधिवक्ता इस महत्वपूर्ण सुविधा से वंचित हो सकते हैं।
धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने मांग की कि सिक्योरिटी डिपॉजिट को प्रतीकात्मक एवं न्यूनतम रखा जाए तथा मासिक किराया अधिवक्ताओं की वास्तविक आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए निर्धारित किया जाए।
उन्होंने कहा कि चेम्बर आवंटन नीति बनाते समय अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी अधिवक्ता इस सुविधा से वंचित न रहे।
इस अवसर पर अधिवक्ता सुनील सिंह, अवनीश उपाध्याय, दामोदर सिंह, एम.के. राजपाल, मनजीत गुप्ता, अविनाश ओझा, नीतीश कुमार सोनी, केशव सिंह, कृष्ण ठाकुर, ऋषभ सिंह, सर्वस्व ठाकुर, हिमांशु द्विवेदी, मोहम्मद फारूक, मोहम्मद अयूब, परमेश्वर चौधरी सहित अनेक अधिवक्ता उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

