अयोध्या 4 जून (आरएनएस)। छह साल पहले दिल्ली से अयोध्या आयी एक महिला को फेसबुक के जरिये अपने प्रेमजाल में फंसा कर उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने एवं विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपित शेषमणि मिश्र उर्फ सिन्टू पर अपराध साबित न होने पर संदेह के लाभ में बइज्जत बरी कर दिया गया। यह फैसला विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम हरेन्द्रनाथ ने पीडि़ता एवं गवाहों के बयानों तथा बचाव पक्ष के तर्को को सुनने पश्चात् गुरुवार को सुनाया है। यह मामला अयोध्या कोतवाली क्षेत्र का वर्ष 2020 का है। बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेन्द्र प्रताप सिंह व शिवम् शर्मा ने पैरवी किया। तर्क दिया कि वह निर्दोष है विवेचक ने विवेचना के दौरान विवेचनात्मक त्रुटियां कारित की गयी हैं। अभियोग बनावटी तथ्यों के आधार पर प्रस्तुत किया गया है। अभियोजन पक्ष ने आरोपित पर अपराध सिद्ध नहीं कर सका है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना के दो वर्ष पहले पीडि़ता को फेसबुक पर मोहल्ला स्वर्णद्वार अयोध्या निवासी शेषमणि मिश्र सिन्टू मिला था बातचीत के बाद आरोपित ने पीडि़ता को अपने एक मित्र के साथ बुलाया उसके बाद आरोपित ने दिल्ली की रहने वाली पीडि़ता को अपने प्रेमजाल में फंसाया और अनेक बार शारीरिक सम्बन्ध बनाया यही नहीं आरोपित ने उसका वीडियो बनाकर धमकाता था तथा आरोपित के साथी भी नये नम्बर से फोन करके अपशब्द कह कर परेशान करते थे। मेरी फोटो राजीव लोचन के साथ फर्जी ढंग से लगाता है। इन लोगों से परेशान होकर पीडि़ता ने अयोध्या कोतवाली में 11 जून 2020 को शेषमणि मिश्र के विरूद्ध मु0अ0सं0-410/2010 अन्तर्गत धारा-376, 504, 506 मे दर्ज करायी है।
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