-205 क्विंटल धान से भरे वाहन पर कार्रवाई, 34 हजार से अधिक शुल्क वसूला_
सिवनी/बरघाट 4 जून (आरएनएस)। संयुक्त कलेक्टर एवं संयुक्त संचालक मंडी बोर्ड जबलपुर के निर्देशों के पालन में कृषि उपज मंडी समिति बरघाट द्वारा गठित उडऩदस्ता दल लगातार अवैध कृषि उपज व्यापार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रहा है। मंडी सचिव एवं भारसाधक अधिकारी के मार्गदर्शन में की जा रही इन कार्रवाइयों से अवैध रूप से कृषि उपज का कारोबार करने वाले व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
मंडी सूत्रों के अनुसार उडऩदस्ता दल ने पिछले कुछ दिनों में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए तीन गोदामों का भौतिक सत्यापन एवं निरीक्षण किया, वहीं छह कृषि उपज से भरे वाहनों को पकड़कर नियमानुसार कार्रवाई की गई। इन कार्रवाइयों के माध्यम से मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क एवं समझौता शुल्क के रूप में कुल 1 लाख 6 हजार 945 रुपये की राशि वसूल कर मंडी समिति के खाते में जमा कराई गई है।
इसी क्रम में बुधवार 3 जून 2026 को उडऩदस्ता दल ने बरघाट क्षेत्र के बोरी के पास एक वाहन को रोककर जांच की। जांच में पाया गया कि आराध्या सीड्स एग्रो, जबलपुर द्वारा बालाघाट जिले के किसानों से खरीदी गई लगभग 205 क्विंटल 15 किलोग्राम धान जबलपुर ले जाई जा रही थी। उडऩदस्ता दल प्रभारी नौबत सनोडिया के नेतृत्व में की गई कार्रवाई के दौरान वाहन क्रमांक रू॥-40-ष्ठष्ट-5179 को मंडी प्रांगण में खड़ा कराया गया।
मंडी सचिव, लेखपाल, लिपिकों एवं अन्य कर्मचारियों के सहयोग से जांच पूरी कर नियमानुसार पांच गुना मंडी शुल्क, निराश्रित शुल्क एवं समझौता शुल्क के रूप में 34 हजार 174 रुपये की राशि जमा कराई गई। निर्धारित शुल्क जमा होने के बाद वाहन को छोड़ दिया गया।
मंडी सचिव एवं उडऩदस्ता दल प्रभारी ने सभी अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों से अपील की है कि वे नियमानुसार एक प्रतिशत मंडी शुल्क एवं निर्धारित निराश्रित शुल्क जमा कर वैध रूप से कृषि उपज का व्यापार करें। साथ ही गैर-अनुज्ञप्तिधारी व्यापारियों द्वारा किए जा रहे अवैध व्यापार की जानकारी मंडी प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि मंडी की आय एवं आवक में वृद्धि हो सके।
अधिकारियों ने बताया कि उडऩदस्ता दल द्वारा अवैध कृषि उपज व्यापार पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। मंडी समिति की आय बढऩे से कर्मचारियों के वेतन, भत्तों एवं कार्यालयीन व्ययों के संचालन में भी सहायता मिलेगी। वर्तमान में जिला नागरिक आपूर्ति निगम से अपेक्षित मंडी शुल्क एवं निराश्रित शुल्क प्राप्त नहीं होने के कारण मंडी समिति की आय प्रभावित हो रही है, जिससे वित्तीय प्रबंधन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
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