*पर्यावरण संरक्षण पर परिसर में स्वच्छता अभियान, पौधारोपण, संगोष्ठी-काव्य गोष्ठी हुई*
*ग्राम पंचायत गोंगलई में पुरातत्व जन जागरण अभियान*
बालाघाट 5 जून (आरएनएस)। इतिहास एवं पुरातत्व शोध संस्थान संग्रहालय बालाघाट परिसर में पर्यावरण संरक्षण दिवस 5 जून 2026 को प्रात:काल 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक डॉ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष के नेतृत्व में पांच चरणों में विविधतापूर्ण समारोह आयोजित हुआ। प्रथम चरण में पुरातत्व संग्रहालय परिसर में विगत दिवस पेड़ गिर गया था, जिसके कारण पर्यटकों को आने जाने में असुविधा हो रही थी, इन शाखाओं को काटकर पेड़ की लकडिय़ों सुव्यवस्थित रूप से रखकर, साफ-सफाई की गई। द्वितीय चरण में पुरातत्व परिसर के वीर उद्यान में आंवला,आम,
नीम,चम्पा अन्य पौधों का पौधारोपण किया गया। तृतीय चरण में पर्यावरण संरक्षण पर संगोष्ठी-काव्य गोष्ठी आयोजित हुई और पर्यावरण संरक्षण पर शपथ लिया गया। चतुर्थ चरण में ग्राम पंचायत गोंगलई जाकर पुरातत्व जन जागरण अभियान किया गया और खेत खलिहान में आज भी 10 वीं शं. की गणेश प्रतिमा अन्य पुरातात्विक महत्व की प्रतिमाओं का अवलोकन किया, जहाँ निरीक्षण दौरान देखने में आया कुछ प्रतिमाएं कम पायी गई। इसके पूर्व भी कई बार समयानुसार निरीक्षण दौरान ग्राम पंचायत गोंगलई में गणेश और अन्य प्रतिमाओं को व्यवस्थित रूप से रखने कहा गया था, किन्तु उनके द्वारा अपेक्षित कार्यवाही नहीं की गई थी।डॉ.वीरेन्द्र सिंह गहरवार संग्रहाध्यक्ष ने कहा हमारा उद्देश्य पुरातत्व धरोहरों को संरक्षित कर भावी पीढिय़ों को ज्ञानवर्धक जानकारियां देना है। पुरातत्व धरोहरें आज भी खेत खलिहान, जंगलों में वृहद पर्यावरण की छाया में रखी हुई है,भविष्य में पुरातत्व अवशेष का अस्तित्व समाप्त न हो इसलिए पुरातत्व संग्रहालय में संरक्षित करने की आवश्यकता प्रतीत होती है।उक्त अवसर पर मुकेश पटले, राजेन्द्र कुमार ब्रम्हे, दिनेश कुमार नेमा, डॉ.कुलदीप बिल्थरे, मिश्रीलाल साहू, बलिनन्दर चौहान, श्रीमती माधुरी जैन सहित अन्य उपस्थित होकर पर्यावरण संरक्षण दिवस पर आयोजित समारोह को सफल बनाया। पांचवा चरण पुरातत्व संग्रहालय परिसर में अल्पाहार कर किया गया।
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