लखनऊ 7 जून (आरएनएस ): प्रतिभा किसी संसाधन की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन की होती है। उत्तर प्रदेश सरकार की इसी सोच को साकार कर रहे समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने इस वर्ष जेईई मेंस, जेईई एडवांस्ड एवं बोर्ड परीक्षाओं में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त कर प्रदेश का मान बढ़ाया है।प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित इन आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और उचित वातावरण उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।इस वर्ष सर्वोदय विद्यालयों के 11 विद्यार्थियों ने जेईई मेंस परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जबकि छात्रा प्रीति ने जेईई एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इन उपलब्धियों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
मिर्जापुर के मडि़हान स्थित सर्वोदय विद्यालय को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया गया है, जहां विशेषज्ञ शिक्षकों के मार्गदर्शन, नियमित टेस्ट, आधुनिक अध्ययन सामग्री एवं प्रतियोगी वातावरण ने विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई दिशा दी है।इस वर्ष जेईई मेंस में सफल होने वाले विद्यार्थियों में मिर्जापुर की दामिनी पटेल, अंवाला वर्मा, सृष्टि, शिवानी और रागनी सहित कुल 11 विद्यार्थी शामिल हैं। वहीं देवरिया, बाराबंकी और बस्ती के विभिन्न सर्वोदय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भी परीक्षा में सफलता अर्जित की है।
विशेष रूप से प्रीति और दामिनी पटेल को आईआईटी मंडी के प्रतिष्ठित बीबीए एवं एमबीए कार्यक्रमों के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, जो इस शैक्षिक मॉडल की सफलता को और अधिक सशक्त बनाता है।समाज कल्याण विभाग द्वारा प्रदेश में वर्तमान में 103 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों को नि:शुल्क शिक्षा, आवास, भोजन, पुस्तकें एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा प्रदान की जाती है।इन विद्यालयों का उद्देश्य केवल शैक्षणिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण, खेलकूद एवं रचनात्मक गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। सरकार की यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों, डिजिटल शिक्षा, स्मार्ट क्लास, पुस्तकालयों के आधुनिकीकरण एवं छात्रवृत्ति योजनाओं के परिणामस्वरूप ऐसे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। सर्वोदय विद्यालयों की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा और अवसर मिलने पर कोई भी छात्र बड़े लक्ष्य हासिल कर सकता है।यह उपलब्धियां केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि उस सामाजिक परिवर्तन की कहानी हैं जिसमें शिक्षा के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य मिल रहा है।
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