कुर्सी क्षेत्र में वन माफियाओं का बोल बाला
बड्डूपुर-बाराबंकी। एक ओर प्रदेश सरकार पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए पर्यावरण दिवस मना रही है, वहीं दूसरी ओर बाराबंकी जिले में वन माफियाओं द्वारा हरे-भरे पेड़ों की अवैध कटान का मामला सामने आया है। आरोप है कि वन विभाग और पुलिस की मिलीभगत अथवा लापरवाही के चलते आम की एक पूरी बाग का रातोंरात सफाया कर दिया गया।
मामला कोतवाली कुर्सी क्षेत्र के चकिया गांव के बाहर स्थित आम की बाग का है। स्थानीय लोगों के अनुसार बाग में करीब तीन दर्जन हरे-भरे आम के पेड़ लगे थे। बीते कई दिनों से यहां अवैध कटान का सिलसिला जारी था। वन माफियाओं ने तीन दिनों के भीतर सभी पेड़ों को काट डाला और लकड़ी भी मौके से उठा ले गए।
इतना ही नहीं, कटान के निशान मिटाने के लिए जेसीबी मशीन से पेड़ों के ठूंठ तक उखाड़ दिए गए। हैरानी की बात यह है कि कई दिनों तक चल रही इस गतिविधि की भनक न तो रात्रि गश्त करने वाली पुलिस को लगी और न ही वन विभाग के कर्मचारियों को।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्षेत्र में वन माफियाओं का आतंक बढ़ता जा रहा है और आए दिन प्रतिबंधित पेड़ों एवं बागों की कटान की जा रही है। शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचे। ग्रामीणों का कहना है कि उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने पर भी स्थानीय स्तर पर सांठगांठ कर केवल जुर्माना लगाकर मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है।
इस संबंध में हेमंत मणि शान्त तिवारी ने बताया कि मामले की जांच के लिए टीम भेजी जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं ओदार चौकी प्रभारी ने कहा कि पेड़ों की कटान की जानकारी मिली है और मामले की जांच की जा रही है।
इस घटना ने पर्यावरण संरक्षण के दावों और वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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