मेरठ 8 जून (आरएनएस )। जिलाधिकारी डा0 वी0के0 सिंह ने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा निराश्रित दिव्यांगजनो को भरण पोषण अनुदान (पेंशन योजना), कुष्ठावस्था पेंशन योजना, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं श्रवण सहायक यन्त्र क्रय हेतु अनुदान योजना, दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना, शादी विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना एवं दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा अनुदान योजनाये संचालित है, जिससे दिव्यांगजन को प्रति वर्ष लाभान्वित किया जाना है।
उन्होने बताया कि ऐसे दिव्यांगजन जिनकी दिव्यांगता 40 प्रतिशत अथवा उससे अधिक है, को निराश्रित दिव्यांगजनो को भरण पोषण अनुदान (पेंशन योजना), कुष्ठावस्था पेंशन योजना, शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्तियों को कृत्रिम अंग एवं श्रवण सहायक यन्त्र क्रय हेतु अनुदान, दुकान निर्माण/दुकान संचालन योजना, दिव्यांग व्यक्तियों से विवाह करने पर प्रोत्साहन पुरूस्कार योजना, मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल योजना तथा दिव्यांगता निवारण हेतु शल्य चिकित्सा अनुदान सहायता प्रदान की जाती है। (दिव्यांगता प्रमाण पत्र मुख्य चिकित्साधिकारी/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र द्वारा प्रदत्त)
उन्होने बताया कि निराश्रित दिव्यांगजनो को भरण पोषण अनुदान (पेंशन योजना) हेतु वार्षिक आय शहरी क्षेत्र रू0 56460/- एवं ग्रामीण क्षेत्र की रू0 46080/- से अधिक न हो, भरण पोषण हेतु रू0 1000/-मासिक की दर से त्रैमासिक रू0 3,000/- का अनुदान दिया जाता है तथा दिव्यांग पेंशन के लिए वेबसाईट ह्यह्यश्च4-ह्वश्च.द्दश1.द्बठ्ठ पर आवेदन ऑन लाइन किये जाने का प्राविधान है।
उन्होने नगर आयुक्त नगर निगम मेरठ, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी तथा समस्त अधिशासी अधिकारी/नगर पालिका परिषद/नगर पंचायत जनपद मेरठ को निर्देशित करते हुये कहा कि अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के माध्यम से उक्त योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार कराते हुए विभागीय योजनाओं का पम्पलेट नोटिस बोर्ड पर चस्पा करना सुनिश्चित करें, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन को विभागीय योजना से लाभान्वित किया जा सकें।
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