मेरठ 9 जून (आरएनएस )। मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) ने मंगलवार को कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की। वेंकटेश्वरा यूनिवर्सिटी के पीछे विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर मेडा का बुलडोजर चला। प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर बिना स्वीकृति की जा रही प्लॉटिंग, सड़कों और अन्य निर्माण कार्यों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान किसी भी विरोध को रोकने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
मेडा अधिकारियों के अनुसार, यह कॉलोनी कृषि भूमि पर बिना ले-आउट स्वीकृति और आवश्यक अनुमति के विकसित की जा रही थी। प्राधिकरण ने संबंधित कॉलोनाइजर को पूर्व में नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों की अनदेखी के बाद ही ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई की गई।
सुबह से ही जेसीबी और बुलडोजर के साथ पहुंची टीम ने अवैध रूप से बनाई गई सड़कों, बाउंड्रीवाल और प्लॉटों के निशानों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई को देखने के लिए आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। कुछ स्थानीय लोगों ने प्राधिकरण की इस कार्रवाई का समर्थन करते हुए कहा कि अवैध कॉलोनियों के कारण खरीदारों को भविष्य में कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
मेडा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना स्वीकृति विकसित की जा रही कॉलोनियां नियमों के विपरीत हैं। प्राधिकरण ऐसे मामलों में लगातार अभियान चला रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी भूखंड या संपत्ति की खरीदारी से पहले संबंधित प्राधिकरण से उसकी वैधता की जांच अवश्य कर लें, ताकि संभावित आर्थिक नुकसान से बचा जा सके। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिले में जहां भी अवैध प्लॉटिंग और निर्माण कार्य पाए जाएंगे, उनके खिलाफ इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि हाल के दिनों में प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरणों द्वारा अवैध कॉलोनियों पर लगातार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
मेडा की इस कार्रवाई से अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों में हड़कंप मच गया है। क्षेत्र में अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहने की संभावना है।
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