जशपुरनगर, 10 जून (आरएनएस)। कभी पेयजल संकट से जूझने वाला कुनकुरी विकासखंड का वनांचल ग्राम पुटुकेला आज जल जीवन मिशन की बदौलत विकास की नई मिसाल बन गया है। जिला मुख्यालय से लगभग 60-70 किलोमीटर दूर घने जंगलों के बीच बसे इस गांव में अब हर घर तक नल के माध्यम से नियमित रूप से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुंच रहा है।
जल जीवन मिशन के तहत ग्राम में 4 उच्च स्तरीय जलागार स्थापित किए गए हैं। इनके माध्यम से 134 फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) प्रदान कर सभी परिवारों को पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। पाइपलाइन नेटवर्क के जरिए घर-घर नल कनेक्शन पहुंचने से ग्रामीणों की वर्षों पुरानी पानी की समस्या समाप्त हो गई है।
० कुएं और पारंपरिक स्रोतों पर थी निर्भरता
मिशन के क्रियान्वयन से पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए कुओं और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ता था। महिलाओं और बच्चों को प्रतिदिन लंबी दूरी तय कर पानी लाना पड़ता था, जिससे समय और श्रम दोनों की भारी खपत होती थी। गर्मी के दिनों में जल संकट और बरसात में दूषित पानी की समस्या आम थी, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बना रहता था।
० महिलाओं और बच्चों को मिला बड़ा लाभ
अब घरों तक नल से पानी पहुंचने के कारण महिलाओं और बच्चों के समय की बचत हो रही है। बच्चे नियमित रूप से स्कूल जा पा रहे हैं, जबकि महिलाएं घरेलू कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में भी अधिक समय दे रही हैं।
० स्वास्थ्य और जीवन स्तर में सुधार
शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता से ग्रामीणों के स्वास्थ्य स्तर में उल्लेखनीय सुधार आया है। जलजनित बीमारियों में कमी दर्ज की गई है और लोगों का जीवन अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक हुआ है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी परिवारों तक नल जल पहुंचने के बाद ग्राम पुटुकेला का ‘हर घर जलÓ प्रमाणीकरण भी पूरा किया जा चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि जल जीवन मिशन ने उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव लाया है। अब उन्हें नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिल रहा है, जिससे स्वास्थ्य, शिक्षा और दैनिक जीवन की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पुटुकेला आज जल जीवन मिशन की सफलता की एक प्रेरणादायक कहानी बनकर उभरा है।
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