सक्ती 11 जून (आरएनएस) प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बाराद्वार नगर पंचायत में स्वीकृत आवासों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि सरकारी भूमि के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी कर बड़ी संख्या में आवास स्वीकृत कराने की प्रक्रिया अपनाई गई। शिकायत सामने आने के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अब इस पूरे प्रकरण में नगर पंचायत के जनप्रतिनिधियों और तत्कालीन पटवारी की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बाराद्वार नगर पंचायत में कुल 288 आवासों की स्वीकृति के लिए दस्तावेज तैयार किए गए। आरोप है कि इनमें से 246 आवास आबादी और घास मद की भूमि पर प्रस्तावित हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घास मद की भूमि पर आवास निर्माण की अनुमति नहीं है, लेकिन कथित तौर पर राजस्व अभिलेखों में बदलाव कर उसे आबादी भूमि दर्शाया गया और उसी आधार पर शासन को प्रस्ताव भेजा गया।
नगर पंचायत के नेता प्रतिपक्ष अभिषेक राय ने इस मामले की शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि सरकारी रिकॉर्ड में कूटरचना कर भूमि की प्रकृति बदली गई। उनका दावा है कि उन्होंने जमीन से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जांच अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए हैं। शिकायत के बाद जिला स्तर पर गठित जांच टीम अब राजस्व अभिलेखों और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है।
मामले ने उस समय राजनीतिक रंग ले लिया जब नगर पंचायत अध्यक्ष नारायण कुर्रे ने कहा कि जिन स्थानों पर आज आवास बने हैं, वहां कई परिवार पिछले लगभग दस वर्षों से रह रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में भी आबादी भूमि की बड़े पैमाने पर खरीदी-बिक्री हुई थी और उसकी भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
इस पूरे विवाद के बीच स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि शिकायत दर्ज नहीं होती तो क्या कथित रूप से बदले गए रिकॉर्ड के आधार पर आवासों की स्वीकृति मिल जाती। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद जिला स्तर पर जांच टीम गठित की गई है। यह राजस्व विभाग से जुड़ा विषय है और जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल, प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े इस कथित फर्जीवाड़े पर प्रशासनिक और राजनीतिक दोनों हलकों की नजर टिकी हुई है। अब जांच रिपोर्ट ही तय करेगी कि आरोप सही हैं या बेबुनियाद, और जिम्मेदारों पर क्या कार्रवाई होगी। :::

