दुर्ग, 11 जून (आरएनएस)। दुर्ग पुलिस ने नेहरू नगर पश्चिम स्थित एक सूने मकान में हुई लाखों रुपये की चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, वाहन, मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त औजार बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार नेहरू नगर पश्चिम निवासी विनय कुमार अग्रवाल ने थाना सुपेला में शिकायत दर्ज कराई थी कि 4 मई 2026 को वह परिवार सहित एक धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर में ताला लगाकर गए थे। अगले दिन लौटने पर मकान का ताला टूटा हुआ मिला और अलमारी के लॉक भी क्षतिग्रस्त पाए गए। अज्ञात चोर घर से सोना, हीरा, चांदी के आभूषण और लगभग 3.40 लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना सुपेला पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी हारिम और मोहम्मद नासिर हुसैन अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले सूने मकानों की रेकी करते थे और फिर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने चोरी किए गए आभूषणों को मेरठ के एक ज्वेलर्स को बेचने और चोरी की रकम का आपस में बंटवारा करने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में दबिश देकर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों में हारिम, मोहम्मद नासिर हुसैन, मोहम्मद कासिम, सलीम, मोहम्मद बिलाल और दिन मोहम्मद शामिल हैं। इनमें अधिकांश आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ निवासी हैं, जबकि एक आरोपी नई दिल्ली का रहने वाला है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-हीरे और चांदी के आभूषण, नगदी रकम, जुपिटर और सेल्टोस वाहन, मोबाइल फोन, ताला तोडऩे के औजार तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में थाना सुपेला के निरीक्षक विजय कुमार यादव, उप निरीक्षक धनेश्वर साहू, प्रधान आरक्षक योगेश पाण्डेय सहित विशेष टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि घर लंबे समय तक खाली छोडऩा हो तो पड़ोसियों या विश्वसनीय लोगों को इसकी जानकारी दें, सीसीटीवी कैमरे एवं अन्य सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
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