कोलकाता,11 जून(आरएनएस)। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कट्टर वफादार सांसद कल्याण बनर्जी पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी से बुरी तरह नाराज हो गए हैं। उन्होंने गुरुवार को आरोप लगाया कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के भतीजे ने विधायकों के हस्ताक्षर जालसाजी मामले में अंतिम समय में उन्हें अपने वकील के रूप में हटा दिया, जो उनके लिए अपमानजनक है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री को अल्टीमेटम देते हुए कहा, हमें चुनो या अभिषेक को।
ममता के वफादारों में शामिल सांसद कल्याण ने अभिषेक को अत्यधिक अहंकारी बताया। कल्याण ने कहा, मैं दीदी के साथ हूं, लेकिन उन्हें अब फैसला लेना होगा। यह बहुत अपमानजनक है। आधी रात को मुझे बताया गया कि वकील बदल दिया गया है। उन्हें बड़ों का सम्मान करना नहीं आता। अभिषेक ने मुझ पर कभी भरोसा नहीं किया और न कभी करेगा। आखिर वो है कौन? कितना अहंकारी इंसान है। उसके लिए पार्टी बर्बाद हो चुकी है।
टीएमसी ने शोवनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए विधानसभा स्पीकर को पत्र लिखा था, जिसमें विधायकों के हस्ताक्षर थे। टीएमसी के 2 विधायकों ऋतब्रता बनर्जी और संदीपान साहा ने प्रस्ताव को झूठा बताया और 70 हस्ताक्षरों में 14 पर आपत्ति जताई। आरोपों की अपराध जांच विभाग (सीआईडी) जांच कर रही है और अभिषेक को तलब किया है। कलकत्ता हाई कोर्ट ने 3 हफ्ते तक अभिषेक की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है और जांच में सहयोग को कहा है।
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