लंबी कतारों में खड़े उपभोक्ता, कृषि कार्य प्रभावित; शासन की व्यवस्थाओं पर उठने लगे सवाल_
उगली/सिवनी 11 जून (आरएनएस)। सिवनी जिले के उगली थाना क्षेत्र में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर गंभीर स्थिति निर्मित हो गई है। क्षेत्र के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर ईंधन लेने के लिए उपभोक्ताओं की लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर घंटों इंतजार के बाद भी लोगों को पर्याप्त मात्रा में डीजल-पेट्रोल नहीं मिल पा रहा है, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ किसान वर्ग भी खासा परेशान है।
जानकारी के अनुसार उगली क्षेत्र में संचालित प्रमुख पेट्रोल पंपों पर पिछले लगभग एक माह से ईंधन की आपूर्ति सामान्य नहीं है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि उन्हें ऊपर से ही पर्याप्त मात्रा में डीजल और पेट्रोल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण मांग के अनुरूप आपूर्ति करना संभव नहीं हो रहा है। स्थिति यह है कि कई पंपों पर वैकल्पिक दिनों (अल्टरनेट डे) के आधार पर ईंधन वितरण किया जा रहा है।
*खरीफ सीजन में किसानों पर सबसे ज्यादा असर*
वर्तमान समय में खरीफ फसल की तैयारी जोरों पर है। मानसून पूर्व खेतों की जुताई, बखरनी और बोनी जैसे कार्यों के लिए किसान बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों और कृषि यंत्रों पर निर्भर हैं। डीजल की कमी के कारण कृषि कार्य प्रभावित होने लगे हैं। किसानों का कहना है कि समय पर डीजल नहीं मिलने से खेतों की तैयारी में विलंब हो रहा है, जिसका असर आगामी फसल उत्पादन पर पड़ सकता है।
*केवल वाहनों में दिया जा रहा ईंधन*
ईंधन संकट को देखते हुए अधिकांश पेट्रोल पंपों पर गैलन और डिब्बों में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। केवल वाहनों में ही ईंधन भरा जा रहा है। इससे कृषि कार्य, छोटे व्यवसाय और अन्य आवश्यक उपयोगों के लिए अतिरिक्त ईंधन संग्रह करने वाले लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
*चार पेट्रोल पंपों पर पूरे क्षेत्र की निर्भरता*
उगली एवं आसपास के बड़े ग्रामीण क्षेत्र में मुख्य रूप से छपारा के निकट स्थित गीता फ्यूल्स, ढुटेरा पेट्रोल पंप तथा मोहबर्रा स्थित बिसेन पेट्रोलियम और गौरव पेट्रोलियम के माध्यम से पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति की जाती है। क्षेत्र की बड़ी आबादी इन चार पंपों पर निर्भर है, जिसके कारण आपूर्ति प्रभावित होते ही संकट और गहरा गया है।
*खाद-बीज की आपूर्ति पर भी असर*
ग्रामीणों का कहना है कि परिवहन प्रभावित होने से खाद और बीज की उपलब्धता पर भी असर पड़ रहा है। बाजार में कृषि आदानों के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। किसानों को आशंका है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो खेती की लागत और बढ़ जाएगी तथा समय पर कृषि कार्य कर पाना मुश्किल हो जाएगा।
*पेट्रोल पंप संचालकों ने दिया आश्वासन*
पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वर्तमान में आपूर्ति संबंधी कुछ समस्याएं हैं, लेकिन आने वाले दिनों में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है। उन्होंने उपभोक्ताओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की है।
*सरकार की व्यवस्थाओं पर उठ रहे सवाल*
क्षेत्र में व्याप्त ईंधन संकट को लेकर लोगों के बीच शासन-प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। किसानों का कहना है कि गेहूं उपार्जन से लेकर डीजल खरीदने तक उन्हें कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। ऐसे में कृषि प्रधान क्षेत्र में ईंधन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार और संबंधित विभागों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
यदि समय रहते पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई तो खरीफ सीजन के दौरान कृषि कार्यों के साथ-साथ आम जनजीवन भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है।

