देहरादून,11 जून(आरएनएस)। उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग और पिटकुल में शीर्ष पद की चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आरटीआई एवं सामाजिक कार्यकर्ता अनिल चंद्र बलूनी ने आरोप लगाया है कि सेवा नियमावली में किए गए हालिया बदलावों से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हुई है और इससे एक विशेष अधिकारी को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया। बलूनी का कहना है कि तकनीकी पदों के लिए निर्धारित योग्यता और आयु सीमा में बदलाव किए गए हैं, जबकि संबंधित मामलों पर न्यायालय में सुनवाई और कुछ जांच प्रक्रियाएं अभी भी लंबित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लंबे समय से नियमित नियुक्तियां न होने के कारण योग्य अधिकारियों को अवसर नहीं मिल पा रहा है। हाल ही में चयन प्रक्रिया से जुड़े एक कथित गोपनीय दस्तावेज के सार्वजनिक होने के बाद विवाद और बढ़ गया है। बलूनी ने दावा किया है कि कुछ दावेदारों को विभिन्न कारणों से बाहर किया गया, जबकि अन्य को पात्र घोषित किया गया। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। हालांकि विभाग की ओर से आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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