मुंगेली, 12 जून (आरएनएस)। आम नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित डायल-112 सेवा की कार्यप्रणाली का परीक्षण करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने देर रात स्वयं फरियादी बनकर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने डायल-112 के रिस्पांस टाइम, स्टाफ की तत्परता और आपातकालीन सेवाओं की कार्यक्षमता का जायजा लिया।
जानकारी के अनुसार, 12 जून 2026 की रात करीब 11:38 बजे एसएसपी भोजराम पटेल ग्राम कोदवाबानी पहुंचे, जो थाना जरहागांव, लालपुर और सिटी कोतवाली क्षेत्र के मध्य स्थित है। यहां से उन्होंने डायल-112 पर कॉल कर सड़क दुर्घटना और मौके पर भीड़ जुटने की सूचना दी। सूचना मिलने के महज तीन मिनट बाद कंट्रोल रूम से रिस्पांस कॉल प्राप्त हुआ तथा टीम ने 15 से 20 मिनट में घटनास्थल पहुंचने की जानकारी दी। इसके बाद डायल-112 वाहन लगभग 22 मिनट में मौके पर पहुंच गया।
घटनास्थल पर पहुंचने के बाद एसएसपी स्वयं डायल-112 वाहन में बैठे और स्क्रीन पर दर्ज की जा रही जानकारी का अवलोकन किया। उन्होंने आरक्षक सुनील खाण्डे सहित ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
इसके बाद रात करीब 1:10 बजे बस स्टैंड मुंगेली में एक अन्य दुर्घटना की सूचना मिलने पर एसएसपी स्वयं डायल-112 वाहन में सवार होकर मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। इस दौरान 108 एम्बुलेंस सेवा की प्रतिक्रिया और कार्यप्रणाली का भी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान डायल-112 वाहन चालक निर्धारित वर्दी में नहीं पाया गया, जिस पर एसएसपी ने उसे ड्यूटी के दौरान अनिवार्य रूप से निर्धारित यूनिफॉर्म पहनने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने डायल-112 स्टाफ को निर्देशित किया कि महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटना, आपातकालीन परिस्थितियों और अपराध संबंधी सूचनाओं पर तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर शीघ्र पहुंचकर वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा आम नागरिकों के साथ संवेदनशील और सौम्य व्यवहार रखा जाए।
मुंगेली पुलिस ने बताया कि डायल-112 सेवा को और अधिक प्रभावी एवं जनहितकारी बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि जरूरत के समय आम लोगों को त्वरित सहायता उपलब्ध हो सके।
0
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

