कोलकाता,13 जून(आरएनएस)। पश्चिम बंगाल में साल 2026 के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के भीतर मची रार अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए कोलकाता दक्षिण से सांसद माला राय को महिला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष पद से हटा दिया है। उनकी जगह नदिया जिले की कालीगंज सीट से विधायक अलीफा अहमद को महिला विंग की नई कमान सौंपी गई है। शुक्रवार को पार्टी की ओर से इस फैसले की आधिकारिक घोषणा की गई। तृणमूल कांग्रेस की राज्य अध्यक्ष चंद्रिमा भट्टाचार्य ने अलीफा अहमद को पत्र भेजकर इस नई जिम्मेदारी की जानकारी दी। इसके बाद कृष्णनगर की सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर इस फैसले की पुष्टि की। पार्टी सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ समय से माला राय की नजदीकियां टीएमसी के बागी गुट से बढ़ती जा रही थीं, जिससे शीर्ष नेतृत्व काफी नाराज था। हाल ही में दिल्ली में एनडीए के समर्थन में खड़े हुए टीएमसी के ‘विद्रोही गुट’ का नेतृत्व सांसद काकली घोष दस्तीदार कर रही हैं, जिसमें माला राय को भी सक्रिय देखा गया था। आरोप है कि उन्होंने एनडीए के समर्थन वाले एक प्रस्ताव पत्र पर हस्ताक्षर भी किए थे। हालांकि, पार्टी के एक धड़े का यह भी दावा है कि माला राय ने गत आठ जून को खुद ही इस पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया था। 2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद से पार्टी के भीतर गुटबाजी और कलह तेज हो गई है। संगठन को नए सिरे से खड़ा करने और डैमेज कंट्रोल के लिए पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी लगातार कड़े फैसले ले रही हैं। नई महिला अध्यक्ष बनीं अलीफा अहमद ने साल 2024 के उपचुनाव में बड़े अंतर से जीत दर्ज की थी और फिर 2026 के चुनाव में भी अपनी सीट बचाने में कामयाब रहीं। इसी राजनीतिक सफलता के इनाम के तौर पर ममता बनर्जी ने उन पर भरोसा जताया है। महिला विंग की कमान मिलने के बाद अलीफा अहमद ने एक वीडियो संदेश जारी कर पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी, चंद्रिमा भट्टाचार्य और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “कालीगंज की जनता के समर्थन के बिना यह मुकाम हासिल करना मुमकिन नहीं था। अब कालीगंज के साथ-साथ मुझे पूरे पश्चिम बंगाल की मां-बहनों के लिए काम करने का मौका मिला है। पार्टी ने मुझे इस जिम्मेदारी के लायक समझा, इसके लिए मैं आभारी हूं।” पार्टी के मौजूदा संकट और अंदरूनी कलह पर बोलते हुए अलीफा ने एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने कहा, “पार्टी के इस कठिन समय में आइए, हम सब मिलकर एक साथ काम करें।”
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