दुर्ग,15 जून (आरएनएस)। दुर्ग पुलिस की डायल-112 सेवा एक बार फिर संकट की घड़ी में लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हुई है। सड़क दुर्घटनाओं और आत्महत्या के प्रयास जैसी आपातकालीन घटनाओं में त्वरित एवं संवेदनशील कार्रवाई करते हुए डायल-112 टीमों ने कई लोगों की जान बचाई। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रशस्ति पत्र एवं नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।पुलिस के अनुसार 27 मई को ग्राम फुंडा चौक के पास हुई सड़क दुर्घटना में तीन लोग गंभीर रूप से
घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल-112 पाटन चीता-1 के आरक्षक दीपक मानिकपुरी और चालक नीरज वर्मा मौके पर पहुंचे तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उपचार उपलब्ध कराया।इसी प्रकार 8 जून को ग्राम मर्रा और सोरम के बीच सड़क हादसे में घायल योगेश बंजारे और हेमंत मरकाम को डायल-112 उतई चीता-2 के आरक्षक लोकेश परिहार और चालक रघुवीर दयाल ने सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया। वहीं उसी रात मोहन नगर क्षेत्र में दुर्घटना में घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल पहुंचाकर उसके परिजनों को भी सूचना दी गई।डायल-112 टीम ने केवल दुर्घटनाओं में ही नहीं, बल्कि आत्महत्या के प्रयासों को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 10 जून को ग्राम डिमर में एक युवक द्वारा आत्मघाती कदम उठाने की सूचना पर आरक्षक नीलकमल गायकवाड़ और चालक नीरज वर्मा ने तत्काल मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बचाया और समझाइश दी।इसके अगले दिन 11 जून को सुपेला क्षेत्र में पति-पत्नी विवाद के दौरान एक व्यक्ति द्वारा फांसी लगाने का प्रयास किया गया। सूचना मिलते ही आरक्षक दुर्गेश राजपूत और चालक ऋषभ सिंह मौके पर पहुंचे और कमरे का दरवाजा खोलकर व्यक्ति को फंदे से सुरक्षित नीचे उतार लिया, जिससे उसकी जान बच गई।डायल-112 टीमों द्वारा प्रदर्शित तत्परता, मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने आरक्षक लोकेश परिहार, नीलकमल गायकवाड़, दुर्गेश राजपूत, दीपक मानिकपुरी, रमेश जायसवाल तथा चालक रघुवीर दयाल, नीरज वर्मा, ऋषभ सिंह और समीर कुमार को सम्मानित किया।दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी दुर्घटना, आपातकालीन स्थिति या संकट की घड़ी में तत्काल डायल-112 पर सूचना दें। समय पर मिली जानकारी से त्वरित सहायता पहुंचाकर जनहानि को रोका जा सकता है। पुलिस ने लोगों से मानसिक तनाव की स्थिति में भी परिजनों और सहायता सेवाओं से संपर्क बनाए रखने की अपील की है।
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