हरिद्वार,15 जून(आरएनएस)। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक सोमवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभागार में आयोजित की गई। सोमवती अमावस्या स्नान पर्व के कारण शहर में लगे भारी जाम के चलते 13 सदस्य बैठक में नहीं पहुंच सके। बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विकास प्रस्ताव मांगे गए। साथ ही ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, बीमार पशुओं के लिए विशेष वाहन की व्यवस्था, जलभराव की समस्या से निपटने और ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय खोलने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। जिला पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विभिन्न समितियों की कार्ययोजना की समीक्षा की गई। सदस्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं भी अध्यक्ष के समक्ष रखीं।
अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि आगामी 16वें वित्त आयोग के तहत विकास कार्यों के लिए सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने और कचरे के पुनर्चक्रण की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना प्राथमिकता होगी।उन्होंने बताया कि कई गांवों में पेयजल टंकियां तो बना दी गई हैं, लेकिन घर-घर जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ऐसे क्षेत्रों में लोगों की समस्या को देखते हुए जरूरत के अनुसार हैंडपंप लगाए जाएंगे। साथ ही सरकारी हैंडपंपों पर अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बरसात के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए बरसाती नालों की समय रहते सफाई कराने पर भी जोर दिया गया। इस संबंध में सदस्यों से प्रस्ताव मांगे गए हैं। बैठक में विधायक ममता राकेश, विधायक फुरकान अहमद, अपर मुख्य अधिकारी महेश कुमार विश्नोई, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अमित चौहान, अभियंता संजय कुमार, कार्य अधिकारी राकेश सिंह रावत, अनिल रावत, सतीश चंद बिजलवान तथा जिला पंचायत सदस्य दर्शना सिंह, सविता सैनी, शहजादी, मोनिका चौहान, विमलेश देवी, अनिता, ऋतुरानी और सरिता देवी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

