एवियन (फ्रांस),16 जून। अगर हम आगे नहीं आते, तो इजराइल कब का खत्म हो गया होता …हम हैं तो इजराइल है, यह कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का. वह जी 7 की बैठक में भाग लेने के लिए फ्रांस आए हुए हैं. वहां पर उन्होंने इजराइल को लेकर बहुत सी बातें कहीं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के बिना इजराइल का अस्तित्व ही नहीं होता. उन्होंने कहा, मेरे बिना इजराइल नहीं होता क्योंकि कोई दूसरा राष्ट्रपति वह काम करने को तैयार नहीं था जो मैंने किया. बीबी (बेंजामिन नेतन्याहू) के साथ मेरे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं, लेकिन अब लेबनान के मामले में बीबी को ज़्यादा जिम्मेदार होना होगा.
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच जो डील हुई है, उसके दायरे में लेबनान आता या नहीं, इसको लेकर अमेरिका और इजराइल के बीच मतभेद है. एक तरफ इजराइल जहां दावा कर रहा है कि इस समझौते में लेबनान का एरिया शामिल नहीं है, वहीं दूसरी ओर ईरान का कहना है कि लेबनान को भी इस समझौते का हिस्सा बनाया गया है.
इसको लेकर ट्रंप ने भी कहा कि बीबी को अमेरिका की बात माननी चाहिए. ट्रंप ने कहा, लेबनान कभी एक बेहतरीन देश हुआ करता था. वहां प्रोफेसर, डॉक्टर और वकील हुआ करते थे. अब वहां हालात बहुत बुरे हैं. लेबनान और हिज़्बुल्लाह के साथ इजराइल ने जिस तरह से स्थिति को संभाला है, उससे मैं खुश नहीं हूं. उन्हें यह काम तेजी से करना चाहिए था. यह मामला तो बस खिंचता ही जा रहा है. और जब ऐसा होता है, तो एक बड़ी डील पर बुरा असर पड़ता है, और वह है ईरान के साथ हुई डील.
हालांकि, जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या आपके और बीबी के बीच संबंध खराब हैं, इस पर ट्रंप ने कहा, जब आप मुझसे बीबी के बारे में पूछते हैं, तो मैं कहूंगा कि हमारे संबंध अविश्वसनीय रहे हैं. लेकिन अगर मैं इसमें शामिल नहीं हुआ होता, तो इजराइल बहुत पहले ही तबाह हो गया होता. यह डील परमाणु हथियार बनने से रोकने वाली एक दीवार की तरह है.
ट्रंप ने यह भी कहा कि इजराइल और ईरान को लेकर उनकी सरकार ने जो रवैया अपनाया है, वह अमेरिका के पहले के राष्ट्रपतियों द्वारा अपनाए जाने वाले कदमों से बेहतर है. ट्रंप ने कहा, उनकी (बराक ओबामा की) ईरान के साथ डील परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खोलने वाली थी. मुझे अच्छी तरह याद है, बीबी वॉशिंगटन आए थे और उन्होंने ओबामा से गुजारिश की थी, हाथ जोड़कर विनती की थी कि वे वह डील न करें. और ओबामा इजराइल के नहीं, बल्कि ईरान के पक्ष में थे. और उन्होंने वह डील कर ली. वह डील एक बड़ी गलती थी. मैंने उस डील को रद्द कर दिया.
मंगलवार को ईरान के शीर्ष राजनयिक ने भी कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए जो शुरुआती समझौता हुआ है, उसके तहत इजराइल को लेबनान से हटना होगा — एक ऐसी शर्त जिसे इजराइल पहले ही खारिज कर चुका है और जिससे समझौता टूट सकता है, जिससे फिर से पूर्ण युद्ध छिड़ सकता है.
अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते को सार्वजनिक नहीं किया गया है, और अधिकारियों ने कभी-कभी इसमें शामिल बातों के बारे में अलग-अलग बातें कही हैं. हालांकि इजराइल इस समझौते का हिस्सा नहीं है, लेकिन वह युद्ध में शामिल है. उसने 28 फरवरी को ईरान पर हमले करने में अमेरिका का साथ दिया था, और तब से वह लेबनान में ईरान-समर्थित हिज़्बुल्लाह चरमपंथी समूह से लड़ रहा है और उस देश के बड़े हिस्से पर कब्जा कर चुका है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दक्षिणी लेबनान पर इजराइल का कब्जा जारी रहने से समझौते का उल्लंघन होगा.अराघची ने कहा, जब तक इजराइली सेना उन इलाकों से नहीं हटती जिन पर उसने इस युद्ध के दौरान कब्जा किया था, तब तक युद्ध पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.
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