नई दिल्ली ,17 जून(आरएनएस)। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की अगुवाई वाली पीठ जुलाई में नीट-यूजी 2026 पुन: परीक्षा आयोजित करने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करेगी.
नीट-यूजी 2026 को फिर से आयोजित करने के फैसले को रद्द करने की मांग वाली एक याचिका सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस वी. मोहना की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई.
सीजेआई ने कहा कि इस याचिका पर जस्टिस नरसिम्हा की अगुवाई वाली बेंच जुलाई में सुनवाई करेगी, जब शीर्ष अदालत अपने नियमित कामकाज के लिए फिर से खुलेगी. जस्टिस नरसिम्हा की पीठ के पास पहले से ही नीट-यूजी से जुड़ी अलग-अलग याचिका हैं.
नई याचिका में केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों से भविष्य की राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के लिए सुरक्षित प्रौद्योगिकी-संचालित डिजिटल परीक्षा और मूल्यांकन तंत्र लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है, जिसमें एन्क्रिप्टेड (कोड का उपयोग करके सामग्री/शब्दों को वर्णों की एक स्ट्रिंग में बदलना) डिजिटल सवाल देने के सिस्टम, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, एआई से मदद वाली मॉनिटरिंग और सुरक्षित कंप्यूटर-बेस्ड परीक्षा की आधारभूत संरचना शामिल है.
याचिका में नीट-यूजी 2026 को फिर से आयोजित करने के फैसले को रद्द करने की मांग की गई है. याचिका में केंद्र को एनटीए के कामकाज में संरचनात्मक, संस्थागत और परिचालन संबंधी कमियों की जांच के लिए एक स्वतंत्र विशेषज्ञ कमेटी बनाने का निर्देश देने की भी मांग की गई है.
12 मई को, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने पेपर लीक के आरोपों के बीच मेडिकल एडमिशन के लिए 3 मई को होने वाले राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा, या नीट-यूजी को कैंसिल कर दिया. सीबीआई अभी मामले की जांच कर रही है, और 21 जून को दोबारा टेस्ट होना है.
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