इस्लामाबाद,18 जून। पाकिस्तान एक बार फिर भारत के खिलाफ साजिश रच रहा है। वर्ष 1971 की करारी हार के बाद वह बंगाल की खाड़ी में नई हैंगोर पनडुब्बी तैनात करने जा रहा है।
सूत्रों ने पाकिस्तान नौसेना के कमोडोर उमर फारूक के हवाले से बताया कि हाल ही में प्राप्त डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी पीएनएस हैंगोर को खाड़ी में तैनात करने की योजना है। फारूक ने बताया कि हैंगोर और उसकी 7 इकाईयों को शामिल करने से पाकिस्तान खाड़ी में अपनी उपस्थिति बनाएगा।
फारूक ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में भारत के साथ 1971 के युद्ध की समाप्ति के बाद से पाकिस्तानी नौसेना की गतिविधि नगण्य रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान की पहली हैंगर-श्रेणी की पनडुब्बी को अप्रैल में चीन में कमीशन किया गया था। वह पिछले सप्ताह कराची पहुंची है। वर्तमान में, भारत इकलौता देश है, जिसकी बंगाल की खाड़ी में महत्वपूर्ण नौसैनिक उपस्थिति है। यह क्षेत्र, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, भारत की पूर्वी नौसेना कमान के अंतर्गत हैं।
वर्ष 1971 में भारतीय सेना द्वारा पाकिस्तानी सेना को हराए जाने के बाद से, पाकिस्तानी नौसेना की उपस्थिति काफी हद तक उत्तरी अरब सागर तक ही सीमित रह गई थी। हालांकि, 1971 में 9 दिसंबर को पाकिस्तान की पीएनएस हैंगोर ने भारतीय युद्धपोत आईएनएस खुखरी को डुबो दिया था, जिसमें कुछ नौसैनिक शहीद हुए थे। युद्धपोत डूबने से कोई फर्क नहीं पड़ा और युद्ध में भारतीय नौसेना ने पाकिस्तान को कुचल दिया। उसके बंदरगाह और जहाज बर्बाद किए थे।
पाकिस्तान और चीन के बीच रक्षा सहयोग के ‘ पीएनएसएम हैंगोर’ को विकसित किया गया है। यह उन्नत युद्ध प्रणाली, आधुनिक सेंसर, एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन तकनीक और बेहतर स्टील्थ खासियत से लैस है। पनडुब्बी पाकिस्तानी नौसैना की रक्षा परियोजना का हिस्सा है। इसके तहत पाकिस्तानी नौसेना में कुल 8 पनडुब्बियां शामिल होंगी। ये पनडुब्बियां समुद्री मार्गों पर नजर रखेगी, दुश्मन के युद्धपोत-पनडुब्बियों की खोज करेगी और खुफिया जानकारी जुटाएगी। हैंगोर वजनी टॉरपीडो और जहाज-रोधी क्रूज मिसाइल उपयोग कर सकती है।
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