कोण्डागांव,18 जून (आरएनएस)। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव खिलावन राम रिगरी के अध्यक्ष्ता एवं उनकी उपस्थिति में अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी एवं मॉनिटरिंग सेल एवं हिट एण्ड रन की बैठक मध्यस्थता कक्ष में आयोजित की गई।बैठक में अपर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, केन्द्रीय जेल जगदलपुर से कल्याण अधिकारी शिवप्रसाद करसायल, डी.एस.पी. अजाक थाना नरेन्द्र पुजारी एवं लोक अभियोजन अधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग से सम्मलित रहे। अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी- अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक के दौरान ऐसे बंदियों के मामलों पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जो लंबे समय से विचाराधीन है, जिनकी जमानत हो चुकी है परंतु वे जमानत की शर्ते पूरी नहीं कर पा रहे हैं, अथवा जिनकी सजा की अधिकतम अवधि के सापेक्ष वे पर्याप्त समय जेल में बिता चुके हैं। न्यायाधीश महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र बंदियों के मामलों में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा विधि के अनुरूप उन्हे राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही, बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं न्याय तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। साथ ही शंकर महतो के संबंध में एवं माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा आयोजित समाधान समारोह दिनांक 21,22 एवं 23 अगस्त को होने वाले स्पेशल लोक अदालत के संबंध में चर्चा किया गया। मॉनिटरिंग सेल- मॉनिटरिंग सेल की बैठक में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शीघ्रता से करने हेतु प्रधान न्यायाधीश महोदय द्वारा कलेक्टर कोण्डागांव को निर्देश दिए गए तथा न्यायिक अधिकारियों के निर्माणाधीन आवास गृह व न्यायिक कर्मचारियों के निर्माणधीन आवास गृह के संबंध एवं पीडि़ता एवं बच्चों सहित पीडि़ताओं के परिजनों के बैठक के लिए वातानुकूलित सुसज्जित पीडि़ता एवं बच्चों के अनुकूल कक्ष शौचालय सहित बनाये जाने के संबंध में चर्चा किया गया। हिट एण्ड रन- हिट एण्ड रन के संबंध में बैठक ली गई जिसमें अज्ञात वाहनों द्वारा सड़क दुर्घटनाओं से हुई मौतों और घायलों के क्लेम कम्पनसेशन की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की चर्चा की गई। पीडि़त पक्षकारों के लिए क्षतिपूर्ति आवेदन प्रक्रिया एक्सीडेंट के परिणामस्वरूप हुई मृत्यु या गंभीर चोटों हेतु मुआवजा निर्धारित करने पुलिस व परिवहन विभाग से संबंधित दस्तावेज तैयार कर एसडीएम को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रशासन से शिविर व प्रचार-प्रसार को व्यापक रूप से करने के लिए समन्वय के साथ चर्चा किया गया।
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