# देशभर में विद्युत दोषों से होने वाली आग की बढ़ती घटनाओं के बीच इंटर टेक के ‘50 साल चलने वाली अर्थिंग’ समाधान बने आकर्षण का केंद्र, कंपनी ने कहा—सुरक्षित इमारत की शुरुआत जमीन के नीचे से होती है
नई दिल्ली, 18 जून (आरएनएस)। यशोभूमि में आज से शुरू हुए भारत बिल्डकॉन 2026 में देश के निर्माण क्षेत्र की नवीनतम तकनीकों और आधुनिक समाधानों का प्रदर्शन किया जा रहा है। अत्याधुनिक निर्माण सामग्री, स्मार्ट भवन प्रणालियां और टिकाऊ तकनीकों के बीच एक ऐसा विषय भी है, जो दिखाई नहीं देता, लेकिन हर इमारत की सुरक्षा की सबसे मजबूत नींव होता है—अर्थिंग व्यवस्था। हाल ही में हौज रानी में लगी भीषण आग, जिसमें 22 लोगों की जान चली गई, और दक्षिण दिल्ली में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर में लगी आग, जिसमें उनकी मृत्यु हो गई तथा प्रारंभिक जांच में खराब विद्युत वायरिंग को संभावित कारण माना जा रहा है, ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आधुनिक इमारतें तभी सुरक्षित हैं, जब उनकी विद्युत सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हो। गर्मियों में बढ़ते बिजली भार के दौरान वातानुकूलन यंत्र, विद्युत शॉर्ट सर्किट या किसी छोटे विद्युत दोष से शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में बड़े हादसे का रूप ले सकती है। ऐसी स्थिति में मजबूत अर्थिंग व्यवस्था अतिरिक्त विद्युत धारा को सुरक्षित रूप से धरती में प्रवाहित कर आग और अन्य दुर्घटनाओं के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती है। इस अवसर पर इंटर टेक अर्थिंग एक्सपर्ट्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गुरमोहित सिंह ने कहा, “भारत बिल्डकॉन में हमारा उद्देश्य केवल अपनी तकनीक का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि पूरे निर्माण क्षेत्र को यह संदेश देना है कि सुरक्षित और टिकाऊ आधारभूत संरचना की शुरुआत मजबूत अर्थिंग व्यवस्था से होती है। यदि निर्माण उद्योग 50 वर्षों तक विश्वसनीय रहने वाली आधुनिक अर्थिंग तकनीक को अपनाता है, तो विद्युत दोषों से होने वाली आग की अनेक घटनाओं को रोका जा सकता है और हजारों लोगों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सकता है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

