नई दिल्ली,18 जून(आरएनएस)। दिल्ली में सरकारी नौकरियों के इच्छुक पूर्व अग्निवीरों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के विभिन्न सरकारी विभागों और एजेंसियों में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने की एक व्यापक नीति को मंजूरी दी है. मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय को अंतिम रूप दिया गया.
सरकार की इस पहल के तहत, अब पूर्व अग्निवीरों को ग्रुप सी के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा. इस आरक्षण का लाभ पुलिस कांस्टेबल, फायरमैन, जेल वार्डर, फॉरेस्ट गार्ड जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भर्ती के दौरान मिलेगा. उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों को यह निर्देश दिए हैं कि वे इन अनुशासित और प्रशिक्षित युवाओं की विशेषज्ञता और कौशल का उपयोग अपनी परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार करें.
उपराज्यपाल ने स्पष्ट किया है कि यह पहल केंद्र सरकार के विजन के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों के अनुशासन और प्रशिक्षण का राष्ट्र निर्माण में सही उपयोग करना है. भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पूरा करने के लिए सभी संबंधित विभागों को 30 जून की समय सीमा निर्धारित की गई है. इस निर्णय के माध्यम से सरकार का मुख्य उद्देश्य पूर्व अग्निवीरों को समान अवसर प्रदान करना और राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को सम्मान देना है.
उपराज्यपाल ने कहा कि यह कदम न केवल युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराएगा, बल्कि दिल्ली की प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सक्षम बनाने में भी मदद करेगा. एलजी ने अधिकारियों को इस निर्देश को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ लागू करने के निर्देश दिए हैं, ताकि समय पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके.
सरकार का यह निर्णय केंद्र सरकार के उस विजन के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य देश के युवाओं में निहित अनुशासन, तकनीकी कौशल और सैन्य प्रशिक्षण को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोडऩा है. उपराज्यपाल ने निर्देश दिए हैं कि पूर्व अग्निवीरों की विशेष कार्यक्षमता और उनके अनुशासित व्यक्तित्व का लाभ दिल्ली के विभिन्न सरकारी विभागों में उठाया जाए. इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन युवाओं को समान अवसर प्रदान करना है, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना महत्वपूर्ण समय दिया है. यह कदम न केवल पूर्व सैनिकों के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि सार्वजनिक सेवा वितरण में भी सुधार लाएगा.
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